पूर्णिया जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में है. वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में पुलिस केंद्र स्थित मनोरंजन भवन में जुलाई माह की मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई. बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं थाना प्रभारियों की उपस्थिति में दर्ज कांडों, लंबित मामलों, गिरफ्तारियों और विधि-व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई.
लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन व वारंट तामीली का निर्देश
बैठक के दौरान एसएसपी ने जिले के विभिन्न थानों में दर्ज प्राथमिकी, लंबित अनुसंधान, वारंटों के निष्पादन और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने सभी अनुसंधानकर्ताओं एवं थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंटियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए और लंबित मुकदमों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए.
मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर क्राइम पर प्रहार
समीक्षा गोष्ठी में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए:
- नशे के अवैध कारोबार पर रोक: मद्यनिषेध (शराबबंदी) एवं मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ ताबड़तोड़ छापेमारी करने के निर्देश दिए गए. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही गई.
- साइबर अपराध पर त्वरित एक्शन: बदलते दौर में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए पुलिस को तकनीकी रूप से दक्ष होकर त्वरित कार्रवाई करने और पीड़ितों को तुरंत रिलीफ पहुंचाने पर जोर दिया गया.
महिला सुरक्षा, भूमि विवाद और सांप्रदायिक सौहार्द
- महिला व बाल सुरक्षा: महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
- भूमि विवाद का समय पर निपटारा: भूमि विवाद से उपजने वाले अपराधों को रोकने के लिए अंचल स्तर पर बैठक कर समय रहते समाधान निकालने को कहा गया ताकि कोई बड़ा विवाद न पनपे.
- गश्ती व सांप्रदायिक सौहार्द: जिले के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त (पट्रोलिंग) बढ़ाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया गया.
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
