श्रीनगर में पर्यावरण, स्वरोजगार और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बांटे गए पौधे, बकरियां और साइकिलें

SBI Foundation: पूर्णिया जिले के श्रीनगर प्रखंड में एसबीआई फाउंडेशन की 'ग्राम सेवा' योजना के तहत एक बेहद अनूठी और सराहनीय पहल की गई है. पर्यावरण दिवस पखवाड़े के मौके पर जहाँ 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधों का वितरण किया गया, वहीं ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बकरियां और छात्राओं की पढ़ाई को सुगम बनाने के लिए साइकिलें बांटी गईं.

पूर्णिया के श्रीनगर से शाहजहां की रिपोर्ट

SBI Foundation: बिहार के पूर्णिया जिले का श्रीनगर प्रखंड इन दिनों एक बेहद सकारात्मक और बहुआयामी सामाजिक बदलाव का गवाह बन रहा है. अमूमन सरकारी या गैर-सरकारी कार्यक्रमों में किसी एक विषय पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है, लेकिन श्रीनगर में पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण (रोजगार) और बालिकाओं की शिक्षा को एक साथ जोड़कर विकास की एक नई इबारत लिखी गई है. एसबीआई फाउंडेशन (SBI Foundation) के फ्लैगशिप ‘ग्राम सेवा कार्यक्रम’ के तहत जन जागरण केंद्र (ग्राम सेवा केंद्र, सिंघिया) के परिसर में एक भव्य और अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस साझा प्रयास का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों में न केवल हरियाली लौटाना है, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं और छात्राओं के जीवन को आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सुदृढ़ करना भी है.

‘एक पेड़ मां के नाम’ की गूंज; महिलाओं को मिले रोजगार के साधन

महिलाओं को बकरी वितरण
  • बकरी वितरण से स्वरोजगार को पंख: ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अत्यंत पिछड़े परिवारों की महिलाओं की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से ‘गोटरी प्रोजेक्ट’ (Goat Farming) के तहत विशेष पहल की गई. कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की चयनित अत्यंत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के बीच दो-दो उन्नत नस्ल की बकरियों का वितरण किया गया, ताकि वे घर बैठे गरिमापूर्ण स्वरोजगार से जुड़ सकें.
  • हरित क्रांति की पहल (पौधरोपण): देशव्यापी अभियान से प्रेरणा लेते हुए कार्यक्रम में मौजूद सभी ग्रामीणों और अतिथियों को ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने के लिए उन्नत प्रजाति के पौधों का निशुल्क वितरण किया गया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण के संवर्धन और सुरक्षा की सामूहिक शपथ ली.
  • छात्राओं को मिली रफ्तार (साइकिल वितरण): सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से हाईस्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की राह आसान करने के लिए संस्था की ओर से चमचमाती साइकिलें प्रदान की गईं. साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे और उन्होंने नियमित रूप से स्कूल जाने का संकल्प दोहराया.

स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक और मुखिया की मौजूदगी में जुटे हितधारक

अतिथियों ने सराहा ग्राम विकास मॉडल: इस हरित और सामाजिक समागम को धरातल पर उतारने के लिए बैंक के शीर्ष अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई. कार्यक्रम का मुख्य विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

कार्यक्रम / आयोजक विंगमुख्य अतिथि एवं प्रमुख पदाधिकारीकार्यक्रम का मुख्य एजेंडा व संकल्प
ग्राम सेवा कार्यक्रम (एसबीआई फाउंडेशन)राकेश रंजन शर्मा (शाखा प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, श्रीनगर)‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत सघन पौधरोपण और पर्यावरण चेतना.
जन जागरण केंद्र (सहयोगी संस्था)रंजन कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर), जय मंगल सिंह, अमरेंद्र कुमार, तुलसी कुमारग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु 2-2 बकरियों का वितरण.
स्थानीय पंचायत नेतृत्वप्रेम प्रकाश मंडल (मुखिया, संबंधित पंचायत)छात्राओं के बीच साइकिल वितरण और सरकारी योजनाओं का एकीकरण.

चिकित्सा, पशुपालन और जल संरक्षण पर भी हुआ व्यापक मंथन

समारोह के दौरान केवल परिसंपत्तियों (Assets) का वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि विशेषज्ञों द्वारा ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं. मंच से मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन, पशु स्वास्थ्य सुरक्षा (टीकाकरण), आंगनवाड़ी केंद्रों की उपयोगिता, शुद्ध पेयजल के महत्व और जल संरक्षण के लिए मनरेगा व ग्राम विकास योजनाओं के तहत तालाब निर्माण की तकनीकी जानकारियां विस्तार पूर्वक साझा कीं.

संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर रंजन कुमार और मुखिया प्रेम प्रकाश मंडल ने संयुक्त रूप से कहा कि सिंघिया और आसपास के गांवों का समग्र विकास ही इस ‘ग्राम सेवा योजना’ का अंतिम लक्ष्य है. इसके लिए पूरी टीम लगातार जमीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने एसबीआई की इस अनूठी पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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