करीब 22 साल बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू

26 जुलाई तक बीएलओ घरों में जाकर योग्य वोटरों का करेंगे सत्यापन

26 जुलाई तक बीएलओ घरों में जाकर योग्य वोटरों का करेंगे सत्यापनपूर्णिया. करीब 22 साल बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हो रहा है. इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची में सभी योग्य नागरिकों को शामिल करना और अपात्रों को हटाना है. सभी पात्र नागरिकों का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा.अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित होगी. यह पुनरीक्षण 2003 के बाद पहली बार हो रहा है. डीएम अंशुल कुमार ने मीडिया को बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर बुधवार से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो गया है. इस गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सत्यापन के लिए घर-घर सर्वेक्षण करेंगे. वे 26 जुलाई तक मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित किए जाने से संबंधित आवेदन पत्रों को स्वीकार करेंगे. उन्होने बताया कि गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किये जायें ताकि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. मतदाता सूची में किसी भी अपात्र मतदाता का नाम शामिल न हो और मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लायी जा सके. डीएम ने बताया कि विशेष पुनरीक्षण करते समय चुनाव आयोग मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए पात्रता और मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए अयोग्यताओं के संबंध में संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन करेगा, जो क्रमशः संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 में स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं.

30 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन

चुनाव आयोग के आदेशानुसार बुधवार से अगले महीने की 26 जुलाई तक बीएलओ घरों में जाकर मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित किए जाने से संबंधित आवेदन पत्रों को स्वीकार करेंगे. अगस्त में इसके आधार पर वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा. उसके बाद 1 अगस्त से 1 सिंतबर तक दावा-आपत्तियां ली जाएंगी. इनका निपटाना करने के बाद 30 सितंबर को आखिरी वोटर लिस्ट प्रकाशित की जाएगी.

बीएलए को भी किया जायेगा शामिल

सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए पूरी प्रक्रिया में शामिल होंगे. बीएलओ ईएफ भरने के संबंध में लोगों की मदद करेंगे. बीएलओ जनता से आवश्यक दस्तावेजों के साथ ईएफ एकत्रित करेंगे. दावों और आपत्तियों पर निर्णय के बाद अंतिम मतदाता सूची ईआरओ द्वारा प्रकाशित की जाएगी.

डीएम बोले

स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची (ईआर) की अखंडता बनाये रखना आवश्यक है. यह सुनिश्चित करना कि सभी पात्र नागरिक निर्वाचन क्षेत्र में शामिल हों और कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचन क्षेत्र से बाहर न रह जाये. यह सुनिश्चित करना कि कोई भी अयोग्य मतदाता निर्वाचन क्षेत्र में शामिल न हो.

अंशुल कुमार, जिलाधिकारी, पूर्णिया

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ARUN KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >