Purnia Nilam Patra Case: पूर्णिया में लंबे समय से लंबित नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन और बकाया राशि की वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया. जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देश पर आयोजित विशेष समीक्षा एवं निष्पादन कार्यक्रम में करीब 350 नीलाम पत्र वादों का निष्पादन किया गया. इन मामलों से संबंधित लगभग 4.90 करोड़ रुपये की सन्निहित राशि की वसूली की गई. अभियान में 42 नीलाम पत्र पदाधिकारियों और 103 बैंक शाखा प्रबंधकों समेत संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया.
16,317 लंबित वादों की हुई समीक्षा
पूर्णिया. समाहरणालय स्थित प्रज्ञान सभागार में आयोजित विशेष समीक्षा एवं निष्पादन कार्यक्रम में जिले के लंबित नीलाम पत्र वादों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई. जिले में कुल 16,317 नीलाम पत्र वाद लंबित थे, जिनमें 243.62 करोड़ रुपये की राशि सन्निहित थी. इन मामलों के शीघ्र निष्पादन और बकाया राशि की वसूली के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया.
42 नीलाम पत्र पदाधिकारियों को रोस्टर के अनुसार बुलाया गया
विशेष अभियान के तहत जिले के 42 नीलाम पत्र पदाधिकारियों को लंबित मामलों से संबंधित अभिलेखों के साथ चार अलग-अलग रोस्टर में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था. अधिकारियों को संबंधित बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया.
103 बैंक शाखा प्रबंधक हुए शामिल
जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी 42 नीलाम पत्र पदाधिकारी, संबंधित बैंकों के समन्वयक और 103 बैंक शाखा प्रबंधक शामिल हुए. बैठक में नीलाम पत्र वादों से संबंधित पंजी-IX एवं पंजी-X का मिलान किया गया. इसके बाद प्रत्येक मामले की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए.
350 मामलों का हुआ निष्पादन, 4.90 करोड़ की वसूली
अभियान के दौरान बैंक अधिकारियों और नीलाम पत्र पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर करीब 350 नीलाम पत्र वादों का निष्पादन किया गया. इन मामलों से संबंधित लगभग 4.90 करोड़ रुपये की सन्निहित राशि की वसूली भी की गई. प्रशासन का उद्देश्य पुराने मामलों के निपटारे के साथ वसूली प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है.
लंबित मामलों में तेजी लाने का निर्देश
जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को लंबित नीलाम पत्र वादों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने और मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने पर जोर दिया. अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने तथा बैंक पदाधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया.
वसूली प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर
Purnia Nilam Patra Case: जिला प्रशासन के अनुसार अभियान का उद्देश्य केवल लंबित मामलों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि नीलाम पत्र वादों की वसूली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाना भी है. संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामलों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा गया है.
