कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिखाई वैज्ञानिक खेती, 100 से अधिक किसानों ने लिया प्रशिक्षण

पूर्णिया के बैसा प्रखंड में आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के तरीकों पर प्रकाश डाला. मिट्टी की जांच और उन्नत तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय कैसे बढ़ा सकते हैं, इस पर विस्तार से जानकारी दी गई.

Purnia News: पूर्णिया जिले के बैसा प्रखंड अंतर्गत कंजिया पंचायत के सोनापुर गांव में आयोजित किसान गोष्ठी में आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को लेकर किसानों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ और कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी जांच, उन्नत तकनीक, संतुलित उर्वरक उपयोग और उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती के बारे में विस्तार से समझाया. कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया.

बदलते मौसम, बढ़ती खेती लागत और घटती मिट्टी उर्वरता जैसी चुनौतियों के बीच वैज्ञानिक खेती को किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है. विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसान मिट्टी की जांच के आधार पर खेती करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता दोनों हासिल किए जा सकते हैं.

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आयोजित हुई किसान गोष्ठी

बैसा प्रखंड के सोनापुर गांव में आयोजित इस किसान गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना था.

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ से उद्यान विभाग की संगीता कुमारी और मिट्टी विभाग के संतोष कुमार ने किसानों को विभिन्न तकनीकी जानकारियां दीं.

मिट्टी जांच के आधार पर खेती करने की सलाह

विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मिट्टी की जांच कर उसकी गुणवत्ता और पोषक तत्वों की स्थिति जानना अत्यंत आवश्यक है.

उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण के अनुसार खाद और उर्वरक का संतुलित उपयोग करने से खेती की लागत कम होती है और फसल की पैदावार तथा गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है.

उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक खेती पर विशेष चर्चा

गोष्ठी के दौरान किसानों को उद्यानिकी फसलों की वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने, उन्नत किस्मों का चयन करने और आधुनिक तकनीक अपनाने के बारे में भी जानकारी दी गई.

विशेषज्ञों ने बताया कि उचित फसल चयन, समय पर बुआई और पौध संरक्षण के उपाय अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं.

किसानों ने रखीं अपनी समस्याएं

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी अपनी विभिन्न समस्याएं और सवाल विशेषज्ञों तथा विभागीय अधिकारियों के सामने रखे.

विशेषज्ञों ने उनकी समस्याओं का समाधान बताते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए और कृषि विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की.

बदलते समय में आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी

प्रखंड उद्यान पदाधिकारी शशि भूषण कुमार, किसान सलाहकार रवि कुमार और रवि कुमार पासवान भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.

अधिकारियों ने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है. इससे किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी.

Purnia News: किसानों ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की मांग की

गोष्ठी में शामिल किसानों ने कहा कि कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद और तकनीकी जानकारी मिलने से खेती से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान आसान हो जाता है.

उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के किसान जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की.

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लेखक के बारे में

By अरुण कुमार

अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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