Purnea Snake Bite News: भवानीपुर (पूर्णिया) से इंदेश्वरी यादव की रिपोर्ट. पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड में एक लापरवाही और अंधविश्वास से जुड़ी घटना सामने आई है. घर के बरामदे में चौकी के नीचे रखी सब्जी निकालने गई एक महिला को जहरीले सांप ने डंस लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई. घटना के बाद परिजन पहले झाड़-फूंक कराते रहे, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर महिला को अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों का कहना है कि यदि समय पर इलाज नहीं मिलता, तो ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं.
चौकी के नीचे छिपा था जहरीला सांप, उंगली में डंसते ही बिगड़ी तबीयत
घटना पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड अंतर्गत अकबरपुर थाना क्षेत्र की लाठी पंचायत के सोनडीहा वार्ड संख्या-05 की है. जानकारी के अनुसार गांव निवासी धीरेंद्र यादव की 25 वर्षीय पत्नी अनीता देवी घर के बरामदे में रखी चौकी के नीचे से सब्जी निकाल रही थीं. इसी दौरान वहां छिपे जहरीले सांप ने उनके हाथ की उंगली में डंस लिया. सांप के डंसते ही महिला को पूरे शरीर में तेज खुजली, घबराहट और बेचैनी होने लगी.
पहले झाड़-फूंक कराते रहे परिजन, फिर अस्पताल लेकर पहुंचे
घटना के बाद परिजन पहले ग्रामीण परंपरा के अनुसार झाड़-फूंक कराने में लग गए. हालांकि कुछ ही देर में महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी. इसके बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भवानीपुर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया.
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज, रेफर करने की तैयारी
सीएचसी भवानीपुर में चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.के. चौधरी की देखरेख में एएनएम मंजू कुमारी और गीता कुमारी महिला का इलाज कर रही हैं. चिकित्सकों के अनुसार मरीज की स्थिति फिलहाल गंभीर बनी हुई है. यदि स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं होता है तो उसे बेहतर इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पूर्णिया रेफर किया जाएगा. घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन महिला का हालचाल जानने पहुंचे.
Purnea Snake Bite News: सांप काटने पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें
डॉ. एस.के. चौधरी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सांप काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाना खतरनाक हो सकता है. ऐसे मामलों में मरीज को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, जहां जरूरत पड़ने पर एंटी स्नेक वेनम (ASV) देकर उपचार किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में केवल सांप के काटने पर एंटी-रेबीज टीका नहीं लगाया जाता. यदि सांप के काटने के साथ किसी जानवर के काटने या खरोंचने की घटना भी हुई हो, तभी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज टीका लगाया जाता है. समय पर अस्पताल पहुंचने और वैज्ञानिक उपचार से मरीज की जान बचाई जा सकती है.
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