पूर्णिया जिले में अपराध नियंत्रण और गंभीर आपराधिक वारदातों के त्वरित व सफल उद्भेदन में उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करने पर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिनव पाराशर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है.
पूर्णिया के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. शौर्य सुमन ने उनके पेशेवर दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता और मानवीय सूचना तंत्र के प्रभावी उपयोग की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र (Citation) प्रदान किया.
प्रशस्ति पत्र में इन दो चर्चित कांडों के उद्भेदन का विशेष उल्लेख
एसएसपी द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में मरंगा थाना क्षेत्र के दो अतिसंवेदनशील और सनसनीखेज मामलों का पर्दाफाश करने में एसडीपीओ के कुशल मार्गदर्शन को रेखांकित किया गया:
- नेवालाल चौक गोलीबारी कांड (कांड सं. 277/26): 23 जुलाई 2026 की रात नेवालाल चौक स्थित एक चाय दुकान पर पांच-छह अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था. एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) का नेतृत्व करते हुए एसडीपीओ ने तकनीकी साक्ष्यों के जरिए 4 शातिर आरोपियों को दबोचा. इनके पास से 1 देशी पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे.
- चाउमीन विक्रेता हत्याकांड (कांड सं. 292/26): 31 जुलाई 2026 की रात मरंगा चौक स्थित होंडा शोरूम के सामने ठेले पर दुकान लगाने वाले दुकानदार चंदन कुमार की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस टीम ने त्वरित दबिश देकर 2 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया.
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस की हुई थी बरामदगी
चंदन हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त 2 पिस्टल, 1 देशी कट्टा, 17 जिंदा राउंड कारतूस, 1 मोटरसाइकिल, 2 मोबाइल फोन और 12,500 रुपये नकद बरामद करने में सफलता पाई थी. समय रहते इस गिरोह के खुलासे से जिले में अपराध का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त हुआ.
संवेदनशील विधि-व्यवस्था संधारण में भी निभाई अग्रणी भूमिका
प्रशस्ति पत्र में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने न केवल आपराधिक अनुसंधान, बल्कि पर्व-त्योहारों, धरना-प्रदर्शनों, जन आंदोलनों और अन्य संवेदनशील मौकों पर विधि-व्यवस्था (Law & Order) को शांतिपूर्ण ढंग से बनाए रखने में अभिनव पाराशर के समर्पण भाव की मुक्तकंठ से प्रशंसा की.
एसएसपी ने कहा कि इस प्रकार का कर्तव्यनिष्ठ नेतृत्व न केवल समूचे पुलिस महकमे के मनोबल को बढ़ाता है बल्कि आम जनता में सुरक्षा की भावना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करता है. उन्होंने युवा पुलिस अधिकारी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
