शहर के हृदयस्थल और कभी पानीटंकी चौक के नाम से मशहूर रहे फोर्ड कंपनी चौक पर स्थित भगवान संकट मोचन हनुमान का भव्य मंदिर श्रद्धालुओं की अगाध आस्था और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है.
एक अत्यंत व्यस्त त्रिमुहाने पर अवस्थित इस प्राचीन मंदिर में विराजे बजरंगबली को लेकर भक्तों में गहरी मान्यता है. लोगों का दृढ़ विश्वास है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से माथा टेकता है और पूजा-अर्चना करता है, संकट मोचन पल भर में उसके सारे कष्ट और बाधाएं दूर कर देते हैं. सड़क किनारे स्थित होने के कारण यहां से गुजरने वाला हर राहगीर भगवान के दर्शन करना और शीश झुकाना नहीं भूलता.
मंगलवार और शनिवार को उमड़ता है शिवभक्तों व रामभक्तों का सैलाब
यूं तो इस पावन मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहती हैं, लेकिन सप्ताह के दो विशेष दिनों— मंगलवार और शनिवार को यहां का आध्यात्मिक नजारा देखते ही बनता है.
इन दोनों दिन सुबह से ही मंदिर प्रांगण में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है. श्रद्धालु लाल सिंदूर, नारियल, ताजे फूल-माला और लड्डू का भोग लगाकर भगवान हनुमान की आराधना करते हैं. पूरा इलाका राममय हो जाता है और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठता है.
नित्य आरती की है समृद्ध परंपरा, रामनवमी पर होता है विशेष अनुष्ठान
मंदिर प्रबंधन और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा यहां नित्य पूजा-अर्चना की एक बेहद सुव्यवस्थित और समृद्ध परंपरा निभाई जाती है. प्रतिदिन सुबह और शाम 7 बजे विधिवत महाआरती का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों शहरवासी और दूर-दराज से आए लोग शामिल होकर पुण्य कमाते हैं.
वहीं श्री रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसरों पर यह मंदिर एक अलग ही दिव्य छटा बिखेरता है. इन विशेष मौकों पर मंदिर में विशाल धार्मिक अनुष्ठान, संगीतमय सुंदरकांड का पाठ और भव्य भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं, जहां दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं.
दर्शन के लिए आवागमन है बेहद सुगम, मुख्य मार्गों से जुड़ा है मंदिर
भौगोलिक और यातायात के दृष्टिकोण से फोर्ड कंपनी चौक स्थित इस मंदिर तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए बेहद आसान है. यह मंदिर शहर के एक महत्वपूर्ण त्रिमुहाने पर स्थित है.
मंदिर के बगल से निकलने वाली एक सड़क सीधे जेल चौक की ओर जाती है, जबकि दूसरी सड़क श्रद्धालुओं को गिरिजा चौक तक पहुंचा देती है. सामने से गुजरने वाला मुख्य मार्ग सीधे लाइन बाजार की ओर निकल जाता है, जबकि मंदिर के ठीक पीछे प्रसिद्ध राजेंद्र बाल उद्यान का हिस्सा इसे और भी शांत व रमणीय बनाता है.
