रूपौली (पूर्णिया). प्रखंड की आठ पंचायतों में बाढ़ के संकट के बीच प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम और अंचलाधिकारी शिवानी सुरभि ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए. प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, शौचालय, पशु चारा, चिकित्सा सुविधा और पॉलीथिन शीट उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
कोयली सिमरा और भौवा प्रबल के प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा
अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम ने बताया कि कोयली सिमरा पश्चिम, कोयली सिमरा पूरब और भौवा प्रबल पंचायत के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया. उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों की जरूरतों को देखते हुए तत्काल राहत व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया गया है.
चार स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू करने का निर्देश
एसडीओ ने बताया कि तत्काल चार स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू करने का निर्देश दिया गया है. जरूरत बढ़ने पर सामुदायिक किचन की संख्या और बढ़ायी जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को उनके नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर भोजन उपलब्ध कराना है.
पुरानी नंदगोला, दिना सिंह बासा और सिमरा कोशकीपुर में तैयारी
सीओ शिवानी सुरभि ने बताया कि कोयली सिमरा पश्चिम पंचायत के पुरानी नंदगोला, भौवा प्रबल पंचायत के दिना सिंह बासा और कोयली सिमरा पूरब पंचायत के सिमरा कोशकीपुर समेत चार स्थानों पर संध्या तक सामुदायिक किचन शुरू करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने बताया कि अन्य जरूरी स्थानों पर भी ऊंचे स्थल को चिन्हित कर जल्द सामुदायिक किचन शुरू किया जाएगा.
पॉलीथिन शीट और अस्थायी शौचालय की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित विजय मोहनपुर और भौवा प्रबल पंचायत में पॉलीथिन शीट का वितरण किया जा चुका है. इसके अलावा पीएचईडी विभाग की ओर से अस्थायी शौचालय का निर्माण कराया गया है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में साफ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है.
मेडिकल टीम और पशु चारा उपलब्ध कराने पर जोर
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को लेकर मेडिकल टीम की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही बाढ़ के कारण प्रभावित पशुपालकों को पशु चारा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन ने संबंधित विभागों को राहत कार्यों में तेजी लाने और जरूरत के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने को कहा है.
जरूरत के अनुसार बढ़ायी जाएगी राहत व्यवस्था
प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों की जरूरतों पर लगातार नजर रखी जा रही है. जिन स्थानों पर अधिक लोगों को सहायता की आवश्यकता होगी, वहां सामुदायिक किचन समेत अन्य राहत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है.
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