12 साल से अधूरा है रसेली घाट पुल का निर्माण, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

अमौर विधानसभा क्षेत्र में रसेली घाट पुल का निर्माण 12 वर्षों से अधूरा रहने पर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है. क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पुल निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं बनने से आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

पूर्णिया के अमौर से रिपोर्ट :

अमौर. पूर्णिया जिला अंतर्गत अमौर विधानसभा क्षेत्र के निवासियों का सब्र अब टूट रहा है. कसबा गेरूआ मार्ग पर बन रहा रसेली घाट पुल पिछले 12 वर्षों से आधे-अधूरे निर्माण के बाद अधर में लटका हुआ है. इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक संयुक्त पत्र भेजकर पुल का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराने की गुहार लगायी है.

नाव का सफर करने को मजबूर

दिए गए आवेदन में ग्रामीणों अजय कुमार, अनिरुद्ध कुमार विश्वास, विकास शर्मा, मणिकांत शर्मा, मोहम्मद मुनव्वर, जीशान अंसारी सहित क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए कहा है कि देश की आजादी के इतने दशकों बाद आज भी नदी पार करने के लिए नाव का सफर करने को मजबूर हैं.वर्तमान में जिला मुख्यालय पूर्णिया पहुंचने के लिए ग्रामीणों को 70 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. यदि यह पुल बन जाता है, तो यह दूरी घटकर मात्र 30 किलोमीटर रह जाएगी.

अनहोनी का बना रहता है खतरा

पुल न होने के कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही अनहोनी का खतरा बना रहता है. रसेली घाट पर हर साल नाव पलटने की दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें औसतन 4 से 5 लोग अपनी जान गंवा देते हैं.अमौर विधानसभा के वासियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुल का निर्माण कार्य जल्द पूरा कराया जाए.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek bhaskar

अभिषेक भास्कर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >