पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट : पूर्णिया शहर के फोर्ड कंपनी चौक स्थित देव आनंदालय परिसर में प्रतिष्ठापित राधा कृष्ण का मंदिर शहरवासियों की आस्था का केन्द्र है. मंदिर के गुम्बज पर दूर से ही चक्र धारण किए भगवान कृष्ण के हाथ दिख जाते हैं और भक्त सहज रुप से दर्शन और अराधना के लिए मंदिर पहुंच जाते हैं. खास यह है कि इस मंदिर परिसर में आपको श्री कृष्ण व राधा से लेकर भगवान भोलेनाथ,माता काली एवं अन्य कई देवी देवताओं के दर्शन सहज हो जाएंगे. वैसे, मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों की हर कामना पूरी होती है.
नियमित रूप से होता है पूजन अनुष्ठान
जिला मुख्यालय में मुख्य सड़क मार्ग से सटकर अवस्थित यह मंदिर पूर्णिया के ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों में से एक माना जा रहा है. भक्तजन कहते हैं कि इस मंदिर की स्थापना से लेकर पूजा पाठ तक लोगों के लिए खूब फलीभूत देखा जा रहा है. इस मंदिर में देवी-देवताओं की अलग-अलग कई प्रतिमाएं प्रतिष्ठापित हैं. यही वजह है किमंदिर परिसर को ‘देव आनंदालय’ का नाम दिया गया है. विद्वान पंडितों द्वारा यहां नियमित रुप से मंत्रोच्चार के साथ पूजन अनुष्ठान किया जाता है.गुरुवार को ज्यादा रहती है भक्तों की भीड़
इस मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. हालांकि श्री राधा कृष्ण के दर्शन के लिए लोग रोजाना पहुंचते है पर खास तौर से गुरुवार को भक्तों की भीड़ ज्यादा रहती है. श्री राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण कुछ इस कदर हुआ है कि बाहर सड़क से ही हाथ में चक्र लिए भगवान कृष्ण के भव्य स्वरुप का अहसास हो जाता है. बुजुर्ग बताते हैं कि मंदिर और उसमें प्रतिष्ठापित प्रतिमा का निर्माण खास कारीगरी द्वारा कराया गया है जो श्रद्धालुओं को स्वाभाविक रुप से आकर्षित करता है.
