पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Question Paper Leak: बिहार में दारोगा बहाली परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले वीक्षक के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. बीते 27 मई को आयोजित बिहार पुलिस सब इंस्पेक्टर चयन की लिखित परीक्षा के दौरान पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर वायरल करने के आरोपी शिक्षक मृत्युंजय कुमार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रविन्द्र कुमार प्रकाश ने सरकारी सेवा से निलंबित कर दिया है. आरोपी शिक्षक जिला स्कूल पूर्णिया में पदस्थापित थे और परीक्षा के दिन उनकी ड्यूटी वीक्षक के रूप में लगाई गई थी. पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद अब उन पर यह बड़ी विभागीय गाज गिरी है.
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय केंद्र पर रचा गया था खेल; मोबाइल में मिले पुख्ता सबूत
यह पूरी आपराधिक और प्रशासनिक लापरवाही राजकीय कन्या उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर सामने आई थी, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- नियमों की धज्जियां उड़ाईं: परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना और प्रश्नपत्र की फोटो खींचना पूरी तरह प्रतिबंधित था. इसके बावजूद वीक्षक मृत्युंजय कुमार ने नियमों को ताक पर रखकर परीक्षा हॉल में मोबाइल का इस्तेमाल किया.
- पटना भेजी गई थी तस्वीर: परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद आरोपी वीक्षक ने अपने मोबाइल के कैमरे से प्रश्नपत्र (क्वेश्चन पेपर) की साफ तस्वीरें खींचीं और उसे व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया माध्यम से पटना में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को सेंड कर दिया.
- पकड़ी गई संदिग्ध गतिविधि: परीक्षा हॉल में वीक्षक की संदिग्ध हरकतों पर जैसे ही केंद्र अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों की नजर पड़ी, तत्काल जांच शुरू कर दी गई. अधिकारियों ने जब कड़ाई से पूछताछ करते हुए शिक्षक का मोबाइल जब्त किया, तो उसमें प्रश्नपत्र की तस्वीरें और पटना भेजे जाने के अकाट्य डिजिटल सबूत (लॉग्स) मिल गए.
सरकारी गोपनीयता भंग करने का मामला; केहाट पुलिस ने भेजा जेल
शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance): परीक्षा अधिनियम के उल्लंघन और सरकारी गोपनीयता भंग करने के इस गंभीर मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित एक्शन लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी परीक्षाओं की शुचिता बनी रहे.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय केहाट थाना पुलिस को तुरंत सूचित किया गया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया और उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया. केहाट थानाध्यक्ष उदय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी शिक्षक मृत्युंजय कुमार के खिलाफ परीक्षा अधिनियम और सरकारी गोपनीयता भंग करने की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई थी.
इसके बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इधर, डीइओ रविन्द्र कुमार प्रकाश ने साफ किया है कि निलंबन अवधि के दौरान आरोपी शिक्षक का मुख्यालय तय कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी चलाई जाएगी, जिसके बाद सेवामुक्ति (बर्खास्तगी) की कार्रवाई भी संभव है.
