पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट
Purnia Weather Today: बिहार के सीमांचल क्षेत्र के प्रमुख जिले पूर्णिया में गुरुवार की सुबह मौसम का एक नया और खुशनुमा रूप देखने को मिला. पिछले कई दिनों से चिलचिलाती धूप, तपिश और उमस भरी रातों से बेहाल स्थानीय नागरिकों को सुबह होते ही बादलों की गड़गड़ाहट ने बड़ी राहत दी. सुबह करीब 8:00 बजते-बजते जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. इस झमाझम बारिश के कारण पूरा वातावरण ‘कूल-कूल’ हो गया है और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, इस प्राकृतिक राहत के साथ ही नगर परिषद के दावों की पोल भी खुल गई है, क्योंकि शहर के कई प्रमुख चौराहों और निचले इलाकों में जलजमाव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
आंधी और वज्रपात की चेतावनी; 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्णिया और इसके आस-पास के सीमावर्ती इलाकों के लिए अगले 24 से 48 घंटों की समय-सीमा को बेहद संवेदनशील घोषित किया है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में बने चक्रवातीय दवाब के कारण जिले में मौसम का बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात (आकाशीय बिजली), तीव्र मेघ गर्जन और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आईएमडी ने आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को खुले खेतों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ा हिदायत दी है.
शहर में ‘पानी ही पानी’; मानसून की दस्तक से किसानों के चेहरे खिले
इस मानसूनी बारिश ने जहां एक तरफ आम शहरी उपभोक्ताओं के लिए जलजमाव और कीचड़ जैसी प्रशासनिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर दौड़ गई है. कई दिनों से सूखी पड़ी कृषि भूमि को इस वर्षा से नई जान मिली है. किसानों के मुताबिक, यह बारिश धान की नर्सरी (बिचड़ा) डालने और खरीफ फसलों के लिए समय से पहले आई संजीवनी है, जिससे सिंचाई के लिए डीजल का भारी खर्च बच जाएगा. मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों की यह सक्रियता अगले दो दिनों तक इसी तरह प्रभावी रहेगी, जिससे आने वाले दिनों में भी लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से पूरी तरह निजात मिली रहेगी.
