Purnia University: बिहार का पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnia University) अक्सर परीक्षा फॉर्म और नामांकन में छात्रों से कड़ाई से लेट फाइन (विलंब शुल्क) वसूलने को लेकर सुर्खियों में बना रहता है. लेकिन, इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन ने महीनों बाद ज्वाइन करने पहुंचे अपने नए वित्तीय पदाधिकारी यानी फाइनेंस ऑफिसर (FO) के प्रति पूरी ‘दरियादिली’ और नरमी दिखाई है. राजभवन द्वारा मार्च महीने में ही नियुक्त किए गए नए एफओ का विवि मुख्यालय में न सिर्फ आधिकारिक योगदान (Joining) कराया गया, बल्कि अंगवस्त्र और गुलदस्ता भेंट कर उनका जोरदार स्वागत भी किया गया. यह मामला अब विवि के गलियारों और छात्रों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है.
राजभवन ने 2 मार्च को जारी किया था आदेश; 5 जून को संभाला कार्यभार
- आधिकारिक नियुक्ति: गौरतलब है कि बिहार राजभवन (महामहिम राज्यपाल सचिवालय, पटना) द्वारा बीते 2 मार्च 2026 को ही एक अधिसूचना जारी कर मो. शमशेर आलम को पूर्णिया विश्वविद्यालय का नया फाइनेंस ऑफिसर (FO) नियुक्त किया गया था.
- प्रोफेशनल बैकग्राउंड: नए एफओ मो. शमशेर आलम भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के रिटायर्ड जीएमटीडी (GMTD) रह चुके हैं और उन्हें वित्तीय प्रबंधन का एक लंबा और कड़ा प्रशासनिक अनुभव प्राप्त है.
- 3 महीने बाद योगदान: राजभवन के आदेश के करीब तीन महीने बाद, बीते 5 जून 2026 को अपराह्न (दोपहर बाद) मो. शमशेर आलम ने पूर्णिया विवि पहुंचकर कुलसचिव के समक्ष अपना योगदान पत्र समर्पित किया और विधिवत कुर्सी संभाली.
विवि ने जारी की अधिसूचना; देरी के पीछे सामने आया ‘मेडिकल’ कारण
अधिसूचना से हुआ संशय दूर: ज्वाइनिंग में हुए इस लंबे विलंब को लेकर जब चर्चाएं तेज हुईं, तो विवि प्रशासन ने आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की. विवि के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार की ओर से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) साझा की है. इस पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नए एफओ गंभीर चिकित्सीय कारणों (Medical Grounds) की वजह से समय पर योगदान नहीं दे सके थे, जिसे विवि प्रशासन ने वैध मानते हुए स्वीकार कर लिया है.
डॉ. इश्तियाक अहमद को जिम्मेदारी से मिली मुक्ति:
बताते चलें कि स्थाई फाइनेंस ऑफिसर नहीं होने के कारण पूर्णिया कॉलेज के कॉमर्स (वाणिज्य) विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. इश्तियाक अहमद तात्कालिक/वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कार्यवाहक एफओ की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे थे. नए वित्तीय पदाधिकारी के आने के बाद अब उन्हें इस प्रभार से मुक्ति मिल गई है.
विवि के प्रबुद्ध कर्मियों और छात्र संगठनों का कहना है कि पूर्णिया विवि में वित्तीय अनुशासन और बजट प्रबंधन को दुरुस्त करना नए एफओ के लिए एक बड़ी चुनौती होगी. हालांकि, छात्र मजाकिया लहजे में यह जरूर कह रहे हैं कि काश विवि प्रशासन ऐसी ही दरियादिली और ‘मेडिकल ग्राउंड’ की छूट परीक्षा फॉर्म भरने से चूके गरीब छात्रों को भी देता, जिन्हें महज कुछ दिन लेट होने पर भारी-भरकम विलंब शुल्क चुकाना पड़ता है.
