पूर्णिया : पूर्णिया सिटी स्थित ऐतिहासिक पूरणदेवी मंदिर परिसर का प्राचीन शिवालय सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है. सावन के हर सोमवार को यहां भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवरिये पहुंचते हैं.
500 साल से अधिक पुराना बताया जाता है शिवालय
स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह शिवालय 500 साल से भी अधिक पुराना है और इसे पूर्णिया जिले के सबसे प्राचीन शिवालयों में माना जाता है. सावन, महाशिवरात्रि और शिव चतुर्दशी के अवसर पर यहां सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है.
बोल बम के जयघोष से गूंजता है परिसर
सावन के सोमवार को अहले सुबह से ही कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है. 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठता है. दिनभर जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है.
धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन की भी तैयारी
मंदिर परिसर हरियाली और शांत वातावरण से घिरा है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है. मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसे धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल भी की जा रही है. प्रस्तावित योजनाओं के पूरा होने के बाद पूरणदेवी मंदिर परिसर सीमांचल के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है.
