बिहार सरकार के समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) निदेशालय द्वारा जारी जून 2026 की 'पोषण ट्रैकर' (Poshan Tracker) आधारित राज्यस्तरीय रैंकिंग में पूर्णिया जिले ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया है. राज्य के सभी 38 जिलों के प्रदर्शन का गहन मूल्यांकन कर यह सूची तैयार की गई है, जिसमें पूर्णिया ने कई अहम सूचकांकों (KPIs) में उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज की है.
इन मानकों के आधार पर तय हुई रैंकिंग
आईसीडीएस निदेशालय के अनुसार, यह रैंकिंग आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन, कुपोषित एवं अति-कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों की पहचान व प्रबंधन, वृद्धि निगरानी (Growth Monitoring), टीएचआर (THR) व गर्म पका भोजन (HCM) वितरण, आंगन एप्लिकेशन के जरिए निरीक्षण तथा लाभार्थियों के आधार/मोबाईल सत्यापन जैसे कड़े मानकों पर तैयार की गई है.
पूर्णिया जिले की प्रमुख उपलब्धियां
जून 2026 के रिपोर्ट कार्ड में पूर्णिया का समग्र औसत प्रदर्शन 83.75 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे जिला बिहार में तीसरे पायदान पर पहुंचा.
- आंगनबाड़ी केंद्र संचालन: 100% सफलता
- बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) निरीक्षण: 100% उपलब्धि
- गृह भ्रमण (Home Visits): 99.49% कवरेज
- वृद्धि निगरानी दक्षता (Growth Monitoring): 99.16% प्रदर्शन
कमियों को दूर कर नंबर-1 बनने का लक्ष्य
आईसीडीएस निदेशालय ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) और सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया है कि वे रैंकिंग का विस्तृत विश्लेषण करें. जिन घटकों में प्रदर्शन राज्य औसत से नीचे रहा है, वहां ठोस कार्ययोजना (Action Plan) बनाकर सुधार किया जाए.
विशेष रूप से:
- पोषण ट्रैकर पोर्टल पर आंकड़ों की शत-प्रतिशत शुद्धता (Data Accuracy) और समय पर एंट्री सुनिश्चित की जाए.
- लाभार्थियों के सत्यापन और सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार निखार लाया जाए.
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टीम को मिली बधाई
इस शानदार सफलता पर निदेशालय ने पूर्णिया की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों, महिला पर्यवेक्षिकाओं (Supervisors), आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है. साथ ही उम्मीद जताई है कि आगामी महीनों में पूर्णिया जिला पहले स्थान पर पहुंचने का प्रयास करेगा.
