सरस्वती पूजा को लेकर पूर्णिया पुलिस सतर्क, संवेदनशील पूजा स्थलों पर विशेष सुरक्षा

संवेदनशील पूजा स्थलों पर विशेष सुरक्षा

एसपी ने की शांति, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सरस्वती पूजा मनाने की अपील

पूर्णिया. शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सरस्वती पूजा संपन्न करने के इरादे से पूर्णिया पुलिस प्रशासन द्वारा सभी एहतियाती कदम उठाये जा रहे हैं. सभी संवेदनशील पूजा स्थलों पर विशेष सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति की गयी है.एसपी स्वीटी सहरावत ने आमजनों से शांति और सौहादपूर्ण माहौल में पूजा करने की अपील की है. उन्होने बताया कि सरस्वती पूजा को लेकर हर पंडाल के लिये एक लायजनिंग ऑफिसर प्रतिनियुक्त किये गये हैं. पूजा को लेकर लगभग 510 पुलिस बल मिले हैं, जो जिले के सभी थाना क्षेत्रों में तैनात किये जायेंगे.उन्होने बताया कि जुलूस मे डीजे पर प्रतिबंध रहेगा और इसकी वीडियोग्राफी करवायी जायेगी. पूजा स्थल एवं जुलूस के दौरान ऐसे गीत के आयोजन पर रोक रहेगी, जिसमें धार्मिक भावना को ठेस पहुंचे. जिस रूट से जुलूस निकलेगी इससे पूर्व वहां पर फ्लैग भी मार्च किया जायेगा. एसपी ने कहा है कि सरस्वती पूजा के अवसर पर प्रतिमा स्थापित करने एवं जुलूस के लिए लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है.बिना लाइसेंस वाले जुलूस को विधि-विरुद्ध मजमा माना जाएगा एवं उक्त जुलूस में सम्मिलित सभी व्यक्ति एवं आयोजक दण्ड के भागी होंगे. उन्होने कहा कि जुलूस के साथ लाइसेंसधारी स्वयं उपस्थित रहेंगे एवं प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर लाइसेंस प्रस्तुत करेंगे. लाइसेंस में दी गयी शर्तों का अक्षरशः पालन करेंगे.निर्धारित तिथि एवं समय के अन्दर ही जुलूस प्रारंभ एवं समापन करेंगे.लाइसेंस में चिन्हित मार्गों से ही विसर्जन जुलूस निकालेंगे.

क्या करें

-पंडाल में घेरा बनाते समय इस बात का ध्यान दिया जाय कि आपातकालीन स्थिति में अग्निशामक वाहन के लिए रास्ते में कोई रुकावट न हो.

-पूजा पंडाल बनाते समय यह भी ध्यान रखें कि यातायात बाधित न हो.

– पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरा संस्थापित करें.

-पूजा स्थल पर आने एवं जाने का रास्ता अलग-अलग रखें.- पूजा पंडाल में बिजली का कनेक्शन सही अवस्था में हो.

क्या न करें:

-जुलूस में डी.जे. पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और लाउडस्पीकर भी निर्धारित मानक के अनुरुप ही बजेगा.

-किसी प्रकार के धार्मिक उन्माद वाले तथा आपत्तिजनक भड़काउ नारें न लगायें.

-अश्लील कार्यक्रम एवं ऑर्केस्ट्रा का आयोजन न करें.

-हर्ष फॉयरिंग दण्डनीय अपराध है,अतः हर्ष फॉयरिंग न करें.

-जुलूस में किसी भी प्रकार का घातक हथियार (लाईसेंस प्राप्त सहित) लेकर न चलें.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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