Purnia News: पूर्णिया जिले के बायसी प्रखंड में तेज आंधी और मूसलधार बारिश ने किसानों की उम्मीद पर पानी फेर दिया है. अचानक बदले मौसम ने ऐसा प्रहार किया कि खेतों में खड़ी मक्के की फसल पलभर में जमीन पर बिछ गई है. किसानों की मेहनत,उम्मीद और भविष्य सब एक साथ पलभर में ढह गए है.
सुबह खेत की हालत देख किसान सन्न रह गए
शुक्रवार सुबह किसान जब खेत पहुंचे तो उनके कदम वहीं थम गए. सामने फसल के बर्बादी का मंजर था. सारी फसल अब मिट्टी में लिपटी पड़ी थी. इसे देख किसानों की आंखें नम हो गई. क्योंकि यह सिर्फ उनके लिए फसल मात्र नहीं,बल्कि परिवार की उम्मीदों का सहारा थी.
स्थानीय किसानों का क्या कहना हैं?
स्थानीय किसानों का कहना हैं कि तेज हवा,आंधी,तूफान बारिश और ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया है. उन्होंने कहा सोचा था इस साल कुछ बचत होगी पर अब तो लागता है,कृषि में लगे खर्च को निकालना भी मुश्किल हो गया है. किसानों की आवाज में बेबसी और चिंता साफ नजर आ रही थी .
स्थानीय किसान मुन्ना,ललित यादव,विकास कुमार,वीरेंद्र और तमाम लोगों ने कहा पहले से ही महंगे बीज,खाद और सिंचाई की मार झेल रहे है. अब प्रकृति की यह चोट ने परिवारों को संकट में डाल दिया है. यहां तक रोजमर्रा के खर्च और बच्चों की पढ़ाई तक संकट में पड़ गई है.
किसानों ने मुआवजे की मांग की
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली,तो हम सब कर्ज और गरीबी के दलदल में फंस जाएंगे.
मौसम बना डर का दूसरा नाम
बिहार और देश में इन दिनों लगातार बदलता मौसम देख किसानों में डर का माहौल है. अब भी आसमान में बादल छाए हैं . इससे पूर्णिया समेत पूरे बिहार के किसानों में डर का माहौल बना हुआ है. अब देखना है कि मौसम में कब तक सुधार होने के आसार है.
(बायसी,पूर्णिया से अरविन्द कुमार की रिपोर्ट )
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