Purnia news : खाद्य पदार्थों के दाम में बेतहाशा वृद्धि से महंगी हो गयी खाने की थाली

Purnia news : दाल और सरसों तेल की कीमत के साथ ही लहसुन के दाम में भी उछाल आया है. काजू-बादाम और मखाना की कीमतें भी बढ़ी हैं.

Purnia news : बाजार में इन दिनों रोजमर्रा के सामान की कीमत में काफी उछाल आया है. इससे आम आदमी के बजट पर काफी प्रभाव पड़ा है. दाल और सरसों तेल की कीमत के साथ ही लहसुन के दाम में भी उछाल आया है. काजू-बादाम और मखाना की कीमतें भी बढ़ी हैं. हालांकि जीरा की कीमत में नरमी जरूर आयी है. जो सरसों तेल ( धारा) आज से दो महीने पहले 125 रुपये लीटर था, आज वही 155 से 160 रुपये प्रति लीटर हो गया है. हालांकि रिफाइंड तेल के दाम में ज्यादा उछाल नहीं आया है. पहले 120 था और अब 120 से 130 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है.

अरहर-मूंग की दाल सौ के पार

दलहन क्षेत्र में पहली बार उलट-फेर देखा जा रहा है. मसूर दाल 80 से 85 रुपये प्रति किलो हो गया है, तो चना दाल 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. ऐसा पहली बार हुआ है. इससे पहले सबसे कम चना दाल का भाव था. इससे पहले चना दाल 70 से 75 रुपये प्रति किलो था. अब यह अचानक 20 से 25 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है. इसी तरह अरहर दाल की कीमत में भी काफी उछाल आया है. इन दिनों में बाजार में अरहर दाल 160 से 170 रुपये किलो बिक रहा है. मूंग दाल भी 150 रुपये किलो तक पहुंच गया है.

आटा-चावल के भाव में भी आयी तेजी

इन दिनों पूर्णिया के बाजार में आटा 34 से 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. हालांकि चीनी का भाव अभी स्थिर है. लहसुन भी रुला रहा है. इन दिनों बाजार में लहसुन 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. चावल के दाम में भी तेजी आयी है. इन दिनों बाजार में अच्छे क्वालिटी के चावल में पांच रुपये प्रति किलो का उछाल आया है. यदि पिछले दो माह की बात करें, तो सरसों तेल से लेकर दाल में 20 से 25 रुपये प्रति किलो की तेजी आयी है. खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमत से गृहणियों को भी झटका लगा है. खाद्य सामग्री महंगी होने से गृहिणियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

लोगों की जेब पर डाका डाल रहीं हरी सब्जियां

त्योहारी सीजन आया नहीं कि भोजन की थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं. आलम यह है कि पर्व-त्योहार के दिन जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, सब्जियों के भाव चढ़ते जा रहे हैं. महंगाई का यह हाल देख कई लोगों ने सब्जी की खरीदारी में कटौती करनी शुरू कर दी है, तो कई ने दाल-रोटी खाओ का रास्ता अख्तियार कर लिया है. हालांकि यह रेट पहले से भी बढ़ा हुआ था, पर दुर्गा पूजा के बाद से ही सब्जियां महंगी होती जा रही हैं. नतीजतन मध्यमवर्गीय लोग परेशान हो उठे हैं. परेशानी की वजह है कि हरी सब्जियों के साथ-साथ आलू, प्याज व लहसुन की कीमत भी काफी बढ़ गयी है. मधुबनी बाजार हो या भट्ठा बाजार, यहां परवल 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. इसी तरह प्याज से लेकर लहसुन की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है. प्याज 60 तो लहसुन 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. यदि टमाटर की बात करें, तो 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. आलू 35 रुपये किलो से नीचे नहीं आया है. नतीजतन, लोग हरी सब्जियां अब सोच-समझ कर ही खरीद रहे हैं. जहां लोग दो से तीन किलो सब्जी घर लेकर जाते थे, वहां अब आधा से एक किलो खरीद रहे हैं.

मांग के अनुरूप आवक नहीं होने से चढ़े दाम

बाजार में आलू-प्याज से लेकर सभी सब्जियों के दाम काफी बढ़े हुए हैं. मधुबनी बाजार में सब्जी विक्रेता मनोज ने दीपावली और छठ पर्व से पहले सब्जियों के दाम और भी बढ़ने की संभावना जतायीहै.केनगर प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत अलीनगर से मधुबनी बाजार में आये सब्जी विक्रेता मोइन ने बताया कि पिछले दिनों आयी बाढ़ से सब्जी की पैदावार को काफी नुकसान पहुंचा है. किसानों को काफी क्षति पहुंची है. इस वजह से सब्जियों की कीमतों में इजाफा हुआ है. दीपावली और छठ पूजा के दौरान सब्जियों की डिमांड बढ़ जाती है. पर, आमद कम रहती है. इससे सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं. सब्जी खरीद रही मीनू और रचना ने बताया कि 300 रुपये में इन दिनों सब्जियों से झोला नहीं भर रहा है. 500 रुपये की सब्जी खरीदने पर 6 से 7 दिन ही चल पाता है. भट्ठा बाजार में सब्जी मंडी में सब्जी खरीद रहे मनीष ने बताया कि महंगा होने के कारण एक किलो तक दो तरह की हरी सब्जी खरीद रहे हैं.

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