Purnia news : ट्रकों में ठूंस-ठूंस कर पूर्णिया व किशनगंज के रास्ते बांग्लादेश भेजे जा रहे मवेशी

Purnia news : गुलाबबाग जीरोमाइल के आसपास दिन हो या रात मवेशी तस्करों के ट्रक लाइन होटल पर खड़े देखे जा सकते हैं.

Purnia news : पूर्णिया समेत सीमावर्ती क्षेत्र किशनगंज देश के विभिन्न राज्यों से बांग्लादेश और पूर्वोत्तर राज्यों तक मवेशी तस्करी का ट्रांजिट रूट बना हुआ है. क्रूरता पूर्वक मवेशियों को ट्रकों में ठूंस-ठूंस इस रूट से तस्करी कराने में कई तस्करों का सिंडिकेट सक्रिय है. बीते एक दशक से पूर्णिया के गुलाबबाग का जीरोमाइल इलाका मवेशी तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है. जानकारों की मानें, तो पूर्णिया के रास्ते हर दिन मवेशी लदे ट्रक एवं कंटेनर अररिया और किशनगंज के रास्ते पश्चिम बंगाल भेजे जा रहे है. गुलाबबाग जीरोमाइल के आसपास दिन हो या रात मवेशी तस्करों के ट्रक लाइन होटल पर खड़े देखे जा सकते हैं. यहां सक्रिय रूप से मौजूद दलालों के माध्यम से मवेशी लदे ट्रकों को पहले बंगाल भेजा जाता है. वहां से धीरे-धीरे पड़ोसी देश बांग्लादेश भेजा जाता है. मवेशी लदे ट्रकों को पास कराने के लिए दलाल मोटी रकम वसूल करते हैं. देश के विभिन्न राज्यों से मवेशी तस्करी कर किशनगंज के रास्ते बंगाल एवं पूर्वोत्तर स्थित स्लाटर हाउस पहुंचाया जाता है. यहां से मवेशी बांग्लादेश बाॅर्डर के करीब तक पहुंचाये जाते हैं. यहां से छोटी-छोटी खेप में मवेशियों को सीमावर्ती लोगों के सहयोग से बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता है.

मवेशी लदे ट्रकों से मोटी रकम वसूल रहे दलाल

तस्करी के लिए ले जाये जा रहे मवेशी लदे वाहनों से दलाल सरेआम जीरोमाइल चौक पर वसूली करते रहते हैं. वहां खड़ी पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. लोग बताते हैं कि दलालों द्वारा पुलिस को अवैध वसूली की एक मोटी रकम हर माह बंधी बंधाई दी जाती है. यही वजह है कि सब कुछ जानते हुए पुलिस अंजान बनी रहती है. यहां से हर दिन दर्जनों की संख्या में ट्रकों व कंटेनरों में मवेशियों की तस्करी होती है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि पुलिस ने सीधी कार्रवाई कर मवेशी तस्करी का ट्रक पकड़ा हो. हिंदू संगठनों से जुडे कार्यकर्ताओं की पहल पर ही मवेशी तस्करों के वाहन पकड़े जाते हैं. हाल के वर्षों में मवेशी तस्करी के धंधे में काफी बढ़ोतरी हुई है. पूर्णिया के गुलाबबाग जीरोमाइल में सक्रिय दो दलालों ने इस धंधे से अकूत संपत्ति अर्जित की है. इनके करोड़ों रुपये से बने आलीशान घर हैं. हाल के वर्षों में हिंदू संगठनों की पहल पर मवेशी लदे कुछ वाहनों को पकड़ा गया, जिसमें तस्कर अजीबोगरीब तरीके से इस धंधे को चला रहे थे. तस्कर गैस टैंकर वाहनों को भी मवेशी तस्करी में इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे. जब्त किये गये मवेशी तस्करी के अधिकांश वाहनों में पशुओं को ठूंस ठूंस कर क्रूरता पूर्वक रखा गया था.

कब-कब हुआ पशु तस्करी का भंडाफोड़

30 दिसंबर 2022. बायसी थाना क्षेत्र में एक ट्रक को पुलिस ने पकड़ा था. ट्रक में बेरहमी से ठूंस ठूंस कर 53 मवेशियों को रखा गया था, जिन्हें तस्करी के लिए बंगाल ले जाया जा रहा था. 03 जून 2023, पशु तस्करी के लिए गैस के टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा था. गैस टैंकर मवेशी लोड कर यूपी से असम जा रहा था. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टैंकर को पकड़ा था. टैंकर के अंदर एसी की व्यवस्था थी. टैंकर को सदर थाना क्षेत्र से पकड़ा गया था. टैंकर में 16 मवेशी लदे थे. टैंकर के अंदर भी दो लोग बैठे थे. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.

कंटेनर में लदे था 40 मवेशी

21 जुलाई 2023. कसबा थाना क्षेत्र में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कार ढोने वाले कंटेनर में 40 मवेशियों को पकड़ा था. इस मामले में पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया था. विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता को गुप्त सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से कुछ तस्कर कंटेनर में मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर मेघालय और बांग्लादेश लेकर जा रहे हैं. कंटेनर को पकड़ा गया, तो उसमें से 40 मवेशी लदे थे.

दो ट्रकों में लदे थे 112 पशु

22 अक्तूबर 2024. हिंदू संगठनों ने मधुबनी एवं सदर थाना क्षेत्र से दो ट्रकों में लोड कुल 112 मवेशियों को पकड़ा था. दोनों ट्रकों में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक रखा गया था. इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. मवेशियों को तस्करी कर बंगाल भेजा जा रहा था. हालांकि हिंदू संगठनों ने पुलिसिया कार्रवाई कर सवाल खड़ा कर दिया और मधुबनी थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन किया. हिंदू संगठनों का आरोप था कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया.

जल्द होगी ठोस कार्रवाई : एसपी

एसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि मवेशी तस्करी मामले को लेकर पकड़े दो ट्रकों की जांच-पड़ताल चल रही है. गुलाबबाग जीरोमाइल के इलाके में मवेशी के ट्रकों पर नजर रखी जायेगी. इस संबंध में जल्द ही ठोस कार्रवाई की जायेगी.

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