पूर्णिया में मक्का की बिकवाली रही सुस्त, मंडी में सभी जिंसों के भाव स्थिर

Purnia Mandi Update: पूर्णिया में की गुलाबबाग मंडी में शनिवार को आवक सामान्य रही, लेकिन खरीदारों की सुस्ती के कारण कारोबार कमजोर नजर आया. मक्का से लेकर दाल और तेलहन तक ज्यादातर जिंसों के दाम स्थिर बने रहे.

Purnia Mandi Update: पूर्णिया से अखिलेश चंद्रा की रिपोर्ट. गुलाबबाग मंडी में शनिवार को मक्का समेत सभी प्रमुख जिंसों की सामान्य आवक दर्ज की गई. हालांकि अन्य दिनों की तुलना में बिकवाली कमजोर रहने से बाजार में खास हलचल नहीं दिखी. मौसम अनुकूल रहने के बावजूद व्यापारियों और किसानों के बीच खरीद-बिक्री का रुख धीमा रहा. मंडी में मक्का के दाम स्थिर रहे, जबकि दलहन और तेलहन बाजार में भी मंदी का असर देखने को मिला.

मक्का के दाम में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

गुलाबबाग मंडी में मक्का की बेस्ट क्वालिटी का भाव 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा, जबकि निचली क्वालिटी का मक्का 1900 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिका. कारोबारियों का कहना है कि आवक सामान्य होने के बावजूद खरीदारों की सक्रियता कम रही, जिससे बाजार में तेजी नहीं बन सकी.

दाल और तेलहन बाजार में सुस्ती

शनिवार को दलहन और तेलहन के बाजार में भी नरमी का माहौल रहा. अरहर दाल का अधिकतम भाव 14500 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया, जबकि मसूर और चना दाल के दाम में स्थिरता बनी रही. सरसों काला और पीला दोनों के भाव भी लगभग पुराने स्तर पर टिके रहे. व्यापारियों के अनुसार मांग कमजोर रहने के कारण बाजार में खास उछाल नहीं दिखा.

चावल बाजार में स्थिरता कायम

चावल बाजार में भी कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया. मंसूरी चावल का भाव 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा, जबकि बासमती चावल 13000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका. अरवा मोटा चावल के दाम भी स्थिर बने रहे. कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार में संतुलन बना हुआ है.

सब्जियों के भाव भी नियंत्रित

आलू और प्याज के दाम भी शनिवार को नियंत्रण में रहे. आलू 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल और प्याज 1800 से 1900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका. वहीं लहसून का भाव गुणवत्ता के अनुसार 5300 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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