गुजरात सरकार के पूर्व मंत्री एवं भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने पूर्णिया में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सीमांचल और पूर्णिया के मखाने की गुणवत्ता विश्वस्तरीय है और इसकी मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है. मखाना उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकार के स्तर पर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है. साथ ही, उन्होंने सीमांचल में 'मखाना बोर्ड' का कार्यालय या क्षेत्रीय व्यवस्था स्थापित करने का मुद्दा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाया.
"अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बावजूद किसानों को समय पर मिलेगी खाद"
पत्रकारों से बातचीत करते हुए इफको अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने देश में उर्वरक आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हालातों पर भी अपनी बात रखी:
- अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर: उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका तनाव जैसी वैश्विक परिस्थितियों के कारण उर्वरक के उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर प्रभाव पड़ा है.
- इफको का प्रयास: इन चुनौतियों के बावजूद इफको देश भर में खाद का उत्पादन बढ़ाने और किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है.
कटिहार में विशाल 'अतुल्यम मखाना प्रोसेसिंग यूनिट' का उद्घाटन
पूर्णिया में प्रेस वार्ता के बाद दिलीप संघाणी कटिहार के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने 'अतुल्यम मखाना फूड प्रोसेसिंग' की एक बड़ी आधुनिक इकाई का उद्घाटन किया.
इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश के कई दिग्गज और कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए:
| प्रतिभागी/अतिथि | पद एवं संस्थान |
| विनोद आशीष | निदेशक, अतुल्यम |
| सुधीर गुप्ता | पूर्व सांसद (मध्य प्रदेश) एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष |
| विशाल सिंह | चेयरमैन, NCCF एवं बिस्कोमान (BISCOMAUN) |
| हेम कुमार पाण्डेय | CEO (अतुल्यम) एवं पूर्व सचिव, उपभोक्ता मामले मंत्रालय |
राष्ट्रीय सहकारिता और दिग्गजों का एक मंच पर महाजुटान
कार्यक्रम में हल्दीराम, बालाजी, विशाल मेगा मार्ट और रिलायंस जैसी दिग्गज कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ मुंबई, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और पश्चिम बंगाल से आए बड़े व्यापारी शामिल हुए.
- किसानों को सीधा लाभ: यह पहला मौका है जब राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं (इफको, नाफेड, बिस्कोमान) और कॉर्पोरेट जगत एक साथ 'अतुल्यम मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव' के बैनर तले मखाना किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एक मंच पर आए हैं.
- 1000 से अधिक किसान शामिल: कार्यक्रम में 1,000 से अधिक मखाना उत्पादक किसानों और प्रसंस्करण श्रमिकों ने हिस्सा लिया. सभी हितधारकों ने किसानों से सीधी खरीद, आधुनिक प्रोसेसिंग और अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग के जरिए मखाना उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया.
