पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:
Purnia Lakshmi Mandir: शहर के हृदय स्थल भट्ठा हाट में स्थित मां लक्ष्मी का प्राचीन मंदिर श्रद्धालुओं और कारोबारियों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है. धन, सुख और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी के इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. विशेष रूप से आसपास के व्यापारी अपनी दुकान खोलने से पहले मंदिर में मत्था टेककर मां का आशीर्वाद लेते हैं और फिर अपने कारोबार की शुरुआत करते हैं.
मुख्य बातें
स्थानीय लोगों का मानना है कि मां लक्ष्मी की कृपा से भट्ठा हाट बाजार निरंतर विकास कर रहा है और यहां के व्यापारियों के कारोबार में भी उन्नति हो रही है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मां लक्ष्मी की आराधना करने पर घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है तथा सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
लक्ष्मी पूजा पर उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब
भट्ठा हाट स्थित लक्ष्मी मंदिर में प्रत्येक वर्ष लक्ष्मी पूजा के अवसर पर भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है. इस आयोजन में केवल स्थानीय व्यापारी ही नहीं, बल्कि शहर और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.
लगातार पांच दिनों तक चलने वाले पूजनोत्सव के दौरान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है. पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है और मां लक्ष्मी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं.
छह दशक पुराना है मंदिर का इतिहास
भट्ठा हाट स्थित लक्ष्मी मंदिर का इतिहास लगभग छह दशक पुराना माना जाता है. स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार मंदिर की स्थापना वर्ष 1958 के आसपास हुई थी. शुरुआती दिनों में मंदिर का स्वरूप छोटा और कच्चा था, लेकिन समय के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों के सहयोग से इसका विस्तार किया गया.
वर्तमान में बमबम साह मंदिर समिति के अध्यक्ष हैं. उनके साथ महेंद्र साह, गोल्डन शर्मा, नीरज गुप्ता सहित अन्य सदस्य और स्थानीय व्यापारी हर वर्ष लक्ष्मी पूजा महोत्सव का आयोजन करते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन समाजसेवियों और व्यापारियों ने इस मंदिर में लक्ष्मी पूजा की परंपरा की शुरुआत की थी, उनमें से कई अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी शुरू की गई धार्मिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ जारी है.
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