हवाई मानचित्र में शामिल होते ही पूरी दुनिया से जुड़ गया अपना पूर्णिया

दशकों के इंतजार के बाद पूर्णिया अब देश के हवाई मानचित्र में शामिल हुआ और इसके साथ ही हवाई मार्ग के जरिये पूरी दुनिया से जुड़ गया.

पूर्णिया बना बिहार का चौथा वाणिज्यिक एयरपोर्ट, यात्री विमान सेवा शुरू

पूर्णिया के लिए ‘रेड लेटर डे’ यानी चिरस्मरणीय मंगल दिवस बन गया सोमवार का दिन

पूर्णिया. दशकों के इंतजार के बाद पूर्णिया अब देश के हवाई मानचित्र में शामिल हुआ और इसके साथ ही हवाई मार्ग के जरिये पूरी दुनिया से जुड़ गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुलाबबाग के शीशाबाड़ी की धरती से पूर्णिया एयरपोर्ट के नये टर्मिनल भवन का उद्घाटन कर पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल के विकास के नये अध्याय का आगाज किया. पटना, गया और दरभंगा के बाद पूर्णिया चौथा एयरपोर्ट शुरू हुआ है. यहां से अहमदाबाद और कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू हो जायेगी. एयरपोर्ट को पूर्णिया समेत पूरे कोशी और सीमांचल के लिए बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है.

सोमवार से पूर्णिया से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत भी हो गयी. पहले दिन अहमदाबाद और कोलकाता के लिए फ्लाइट ने उड़ान भरी. अभी हाल ही में पूर्णिया एयरपोर्ट पर 34 करोड़ की लागत से निर्मित टर्मिनल भवन का निर्माण कराया गया है. सोमवार 15 सितंबर 2025 को पूर्णिया के लिए ‘रेड लेटर डे’ यानी चिरस्मरणीय मंगल दिवस के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले कई दशकों से इसकी मांग की जा रही थी. समझा जाता है देश के महानगरों के लिए हवाई सेवा शुरू होने से इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा. अब एयर कनेक्टिविटी के माध्यम से पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, इस परिक्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी. देश के महानगरों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी तो यहां इंडस्ट्री, रोजगार आदि के क्षेत्र को गति मिलेगी. हवाई सेवा से पूर्णिया, कोसी और भागलपुर प्रमंडल के अलावा बंगाल और नेपाल के करीब दो करोड़ लोगों को इसका सीधा फायदा होगा. साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवसाय और कृषि क्षेत्र में काफी उन्नति होगी.

पूर्णिया एयरपोर्ट की खासियत

-पूर्णिया एयरपोर्ट का वायु सेना का पुराना रनवे बिहार का सबसे बड़ा रनवे है-2800 मीटर लंबा यानी 9000 फीट, यहां हर तरह का विमान उतर सकता है.-पूर्णिया एयरपोर्ट के लिए अधिकृत की गयी है 67.18 एकड़ जमीन -2023 में हुआ था पूर्णिया एयरपोर्ट के निर्माण के लिए एएआइ के साथ एमओयू-30 से 40 वर्षों के फुटफॉल को ध्यान में रख कर किया गया है डिजाइन तैयार

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