Purnia Fake Cigarette: पूर्णिया. सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग राम मोहिनी चौक के आसपास नामी कंपनी के ब्रांड और पैकेजिंग से मिलते-जुलते नाम पर नकली सिगरेट बेचे जाने की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की. वीएसटी कंपनी की विशेष टीम से मिली सूचना के आधार पर सदर थाना पुलिस ने विभिन्न दुकानों और संदिग्ध गोदामों में छापेमारी की.
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई छापेमारी
एसडीपीओ-1 अभिनव पाराशर ने बताया कि वीएसटी कंपनी की टीम की ओर से सूचना दी गई थी कि क्षेत्र में ब्रांडेड सिगरेट के नाम और पैकेजिंग में मामूली बदलाव कर नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने गुलाबबाग के राम मोहिनी चौक के आसपास दुकानों और गोदामों की जांच शुरू की.
एक दुकान से 13,500 पीस सिगरेट बरामद
पुलिस के अनुसार एक दुकान से करीब 13,500 पीस नकली सिगरेट बरामद की गई. इसके अलावा अन्य दुकानों और संदिग्ध गोदामों से भी बड़ी मात्रा में सिगरेट जब्त की गई है. कुल बरामदगी करीब 35 से 40 हजार पीस बताई गई है. सिगरेट की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है.
तीन लोगों से पूछताछ, फरार कारोबारियों की तलाश
छापेमारी के दौरान तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं कुछ कारोबारी गोदामों में ताला लगाकर फरार हो गए. संबंधित गोदामों पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं और फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है.
कई जिलों में सप्लाई का दावा
वीएसटी कंपनी दिल्ली के प्रतिनिधि जगमीत सिंह रंधावा ने बताया कि पिछले कई महीनों से गुलाबबाग के थोक बाजार से आसपास के जिलों में नकली सिगरेट की आपूर्ति किए जाने की जानकारी मिल रही थी. इस संबंध में एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू हुई.
ब्रांड के नाम से मिलती-जुलती पैकेजिंग का आरोप
कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार चार्म्स और टोटल ब्रांड के नाम से मिलते-जुलते नामों का इस्तेमाल कर नकली सिगरेट बेचे जाने का आरोप है. उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कारोबार से सरकार को टैक्स राजस्व का नुकसान होता है. साथ ही नकली उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले निकोटीन और अन्य रसायनों की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर भी स्वास्थ्य संबंधी चिंता जताई गई है.
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
Purnia Fake Cigarette: पुलिस मामले में बरामद सिगरेट की जांच, कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका और कथित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
