Purnia College: पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सुप्रसिद्ध पूर्णिया कॉलेज में नव-नामांकित विद्यार्थियों के अकादमिक मार्गदर्शन के लिए प्राक प्रशिक्षण कार्यक्रम के 9वें बैच का विधिवत शुभारंभ किया गया है. इस महत्वपूर्ण सत्र के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विवेकानंद सिंह ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित किया. अपने संबोधन में उन्होंने वर्तमान दौर की प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रणाली और युवाओं के मानसिक विकास पर चर्चा की. कुलपति ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा का काल केवल डिग्रियां हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वयं के व्यक्तित्व को तराशने और जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार होने का एक स्वर्णिम अवसर है.
प्रयोगों और संघर्षों से भरा है छात्र जीवन; निरंतर परिश्रम ही एकमात्र मार्ग
- चुनौतियां और अवसर साथ-साथ: कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने कहा कि छात्र जीवन प्रयोगों, संभावनाओं और विभिन्न संघर्षों से भरा होता है. इस यात्रा में जहां एक तरफ करियर निर्माण के कई बेहतरीन अवसर सामने आएंगे, वहीं दूसरी तरफ राह में कई अनपेक्षित चुनौतियां भी खड़ी होंगी.
- नित नूतन प्रक्रियाओं का महत्व: उच्च शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिदिन अध्ययन की नई-नई पद्धतियों और बौद्धिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, जो उनके मानसिक क्षितिज को व्यापक बनाती हैं.
- धैर्यशीलता की कसौटी: उन्होंने छात्र-छात्राओं को विशेष नसीहत देते हुए कहा कि विकट से विकट और कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए. युवाओं को हमेशा धैर्यशील होकर आगे बढ़ना चाहिए और इस धैर्य के साथ निरंतर कड़ा परिश्रम करते रहने की आदत डालनी चाहिए.
कॉलेज में पठन-पाठन का सुदृढ़ माहौल; प्रधानाचार्य ने बेहतर भविष्य की कामना की
बुनियादी सुविधाओं का हुआ है विस्तार: इस विशेष अवसर पर कॉलेज की प्रधानाचार्य सह डायरेक्टर प्रोफेसर सावित्री सिंह ने भी नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत किया और कॉलेज की गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा से उन्हें अवगत कराया.
उन्होंने अपने संबोधन में कॉलेज की प्रशासनिक और शैक्षणिक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है:
| कॉलेज की मुख्य प्रशासनिक पहल | वरिष्ठ शिक्षकों की भूमिका | विद्यार्थियों से संस्थान की अपेक्षाएं |
| बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण (स्मार्ट क्लास, लैब व पुस्तकालय का विकास) | * सुलभ और निरंतर मार्गदर्शन. * छात्रों की शंकाओं का तार्किक निवारण. | * कक्षाओं में नियमित उपस्थिति. * कड़ा अनुशासन बनाए रखना. * परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम लाना. |
छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह:
प्राक प्रशिक्षण के इस 9वें बैच के प्रेरक सत्र को लेकर छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह देखा गया. कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रो. सावित्री सिंह ने नए सत्र में नामांकित सभी विद्यार्थियों के सुखद, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की कामना की. इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने कुलपति के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया.
