पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Bihar Police Exam: पूर्णिया जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर रविवार सुबह केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हो गई. परीक्षा को लेकर दूर-दराज के इलाकों से आए परीक्षार्थियों की भारी भीड़ सुबह 7:00 बजे से ही केंद्रों पर उमड़ने लगी थी. जिला प्रशासन द्वारा कदाचारमुक्त (Cheating-free) परीक्षा संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. केंद्रों के मुख्य द्वार पर दंडाधिकारियों की मौजूदगी में एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्रों की कड़ाई से जांच की गई, जिसके बाद ही योग्य अभ्यर्थियों को रोल नंबर के अनुसार अंदर जाने की अनुमति दी गई.
बायोमेट्रिक हाजिरी से फर्जीवाड़ा रोकने की कवायद; जिला स्कूल में सघन जांच
परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा और तकनीकी कड़ियों को काफी मजबूत किया गया है:
- थम्ब और आईरिस स्कैन: परीक्षा हॉल में किसी भी तरह के स्कॉलर या फर्जी परीक्षार्थी (Impersonator) के प्रवेश को रोकने के लिए मुख्य द्वार पर ही सभी अभ्यर्थियों की डिजिटल बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज की गई.
- इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण रोक: प्रशासनिक गाइडलाइंस के अनुसार परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू रहा.
- महिला-पुरुषों की अलग कतारें: जिला स्कूल परीक्षा केंद्र सहित सभी मुख्य वेन्यू पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा अलग-अलग घेरा बनाकर अभ्यर्थियों की सघन शारीरिक तलाशी (Frisking) ली गई, जिसके बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल का संधारण करने दिया गया.
केंद्रों के बाहर निषेधाज्ञा लागू; भारी पुलिस बल तैनात
“परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार और आसपास के 200 मीटर के दायरे में असामाजिक तत्वों की आवाजाही रोकने और अनावश्यक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू की गई है.”
शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वाड) की टीमें लगातार शहर के विभिन्न रूटों पर गश्त कर रही हैं. सभी केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में लाठीधारी पुलिस बल और सशस्त्र जवानों को मुस्तैद किया गया है. परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला नियंत्रण कक्ष से सीधे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए मुख्य द्वारों की निगरानी की जा रही है, ताकि पूरी परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके.
