पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
BEd Entrance Exam: बिहार के पूर्णिया जिला मुख्यालय अंतर्गत विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर रविवार को दो वर्षीय बीएड (कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट) की परीक्षा शांतिपूर्ण और बेहद कड़े प्रशासनिक पहरे के बीच संपन्न हो गई. जिला प्रशासन और संबंधित विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राज्य स्तरीय परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. पूर्णिया मुख्यालय के कुल 9 चयनित केंद्रों पर निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू हुई. दोपहर 1 बजे जैसे ही अंतिम घंटी बजी और परीक्षार्थी परीक्षा हॉल से बाहर निकले, तो उनके चेहरे खिले हुए थे. कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन को लेकर प्रशासन की मुस्तैदी की परीक्षार्थियों और अभिभावकों ने भी पुरजोर सराहना की है.
बायोमेट्रिक अटेंडेंस से एंट्री; जिला प्रशासन का उड़नदस्ता दल रहा एक्टिव
- 9 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा: जिला मुख्यालय के अंतर्गत कुल 9 शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए.
- थ्री-लेयर चेकिंग और बायोमेट्रिक: परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले सभी केंद्रों के मुख्य द्वार पर परीक्षार्थियों की ‘थ्री-लेयर’ (त्रिस्तरीय) सघन तलाशी ली गई. मुन्नाभाइयों (फर्जी परीक्षार्थियों) पर नकेल कसने के लिए एडमिट कार्ड के साथ पहचान पत्र की गहन जांच की गई और डिजिटल थंब इम्प्रेशन व बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के बाद ही अंदर जाने दिया गया.
- दंडाधिकारियों की मुस्तैदी: सभी 9 केंद्रों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ स्टेटिक दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती सुबह से ही की गई थी. इसके अलावा, जिला प्रशासन के विशेष उड़नदस्ता दल (Flying Squad) लगातार एक केंद्र से दूसरे केंद्र घूमकर औचक निरीक्षण करते रहे.
“सामान्य ज्ञान और शिक्षण अभिक्षमता के सवाल रहे लाजवाब”; परीक्षार्थियों ने जताया भरोसा
संतुलित रहा प्रश्न पत्र का स्तर: परीक्षा देकर ऐतिहासिक जिला स्कूल केंद्र से बाहर निकलीं महिला परीक्षार्थी पूनम कुमारी, स्वप्निल रंजन, कुमारी भावना और अंजलि ने अपनी खुशी साझा की. परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्न पत्र का पैटर्न न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान, बल्कि यह पूरी तरह संतुलित था.
- सामान्य ज्ञान (GK): समसामयिक विषयों और इतिहास-भूगोल से जुड़े प्रश्न काफी तार्किक और सीधे थे.
- शिक्षण अभिक्षमता (Teaching Aptitude): शिक्षक बनने की योग्यता और बाल मनोविज्ञान से जुड़े सवाल काफी व्यवहारिक थे, जिन्हें हल करने में मजा आया.
सभी परीक्षार्थियों ने एक सुर में कहा कि परीक्षा का माहौल बेहद शानदार और शांतिपूर्ण था. बेहतर परीक्षा जाने के कारण उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार मेधा सूची (मेरिट लिस्ट) में उनका नाम आएगा और उन्हें मनपसंद बीएड कॉलेज में नामांकन मिल सकेगा. परीक्षा समाप्ति के बाद शहर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखी गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद रही.
