पूर्णिया. पूर्णिया विवि का आज नौवें वर्ष में प्रवेश हो गया. 18 मार्च 2018 को स्थापना के बाद से पूर्णिया विवि ने अकादमिक क्षेत्र में पीजी से पीएचडी तक का सफर तय कर लिया है. साथ ही बिहार सरकार से मिली 37 एकड़ जमीन पर पूर्णिया विवि का नया ढांचा लगभग खड़ा भी हो गया है. इस दौरान विवि ने चार कुलपतियों का कार्यकाल देख लिया है. प्रो. राजेश सिंह इस विवि के पहले कुलपति हुए है. उनके कार्यकाल में पूर्णिया विवि ने पीजी और पीएचडी की पढ़ाई शुरू कर दी. ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया में छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ी. नामांकन के बाद भी कॉलेज बदलने की नौबत आयी. मगर लंबे अर्से के बाद कॉलेजों की कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करते देखा गया. समय पर परीक्षा और परीक्षाफल की परंपरा कायम हुई. बड़े पैमाने पर सेमिनार और दूसरे विवि से एमओयू हुए. इस दौरान छात्र व अभिभावक जहां संतुष्ट नजर आये तो वहीं शिक्षकों व कर्मियों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. दूसरे कुलपति के रूप में प्रो. राजनाथ यादव ने पीजी और पीएचडी कोर्स को उच्च शिक्षा विभाग से मान्यता दिलायी. कोविडकाल में वेबिनार की परिपाटी कायम की. अत्याधुनिक एथलीट ग्राउंड को साकार किया. उनके कार्यकाल में शिक्षकों को लंबित प्रोन्नति मिली और कर्मियों ने भी सुकून से काम किया. तीसरे कुलपति प्रो. पवन कुमार झा ने कम वक्त में अपने अनुभव से प्रशासनिक और अकादमिक सुधार किये. चौथे व वर्तमान कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के कार्यकाल में पूर्णिया विवि ने समर्थ पोर्टल पर नामांकन शुरू करने का इतिहास रचा. परीक्षा विभाग में सुधार के लिए निलंबन तक से नहीं हिचके और पैट 2023 में पुन: मूल्यांकन कर नामांकन लिया. यह बात दीगर है कि पहली बार छात्रों के आंदोलन वीसी के चैंबर तक पहुंच गये. विवि के आगामी लक्ष्य – पूर्णिया विवि को 12 बी की मान्यता – नैक मूल्यांकन को विवि को तैयार करना – शोध कार्यों को बढ़ावा देना – छात्र संघ का चुनाव कराना ——————- दोपहर दो बजे से विवि में मुख्य कार्यक्रम जानकारी के अनुसार, पूर्णिया विश्वविद्यालय में 18 मार्च को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया जाएगा.इस अवसर पर विविध सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. फाउंडेशन डे आयोजन समिति, सांस्कृतिक समिति, मंच प्रबंधन एवं सज्जा समिति तथा खेल आयोजन समिति ने अपनी-अपनी तैयारी पूरी कर ली है. विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस का मुख्य समारोह दोपहर 2:00 बजे प्रारंभ होगा. कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए भविष्य की शैक्षणिक एवं विकासात्मक योजनाओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा.
पूर्णिया विवि का आज नौवें वर्ष में प्रवेश, अबतक चार कुलपतियों ने की सेवा
अबतक चार कुलपतियों ने की सेवा
