पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के वित्त रहित संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के नेता पूर्व प्राचार्य प्रो आलोक कुमार ने शिक्षकों की बैठक में विश्वविद्यालय के वित्त हित महाविद्यालयों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता का आरोप लगाया है. प्रो आलोक ने कहा कि वर्षों से पूर्णिया विश्वविद्यालय में मूल्यांकन व प्रायोगिक परीक्षाएं का संपादन वित्तरहित संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षकों के द्वारा संचालित किया जा रहा है. न्यूनतम पारिश्रमिक भी विश्वविद्यालय लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहा है. प्रायोगिक परीक्षा लेने वाले शिक्षकों को दूर दराज के महाविद्यालयों में न्यूनतम भत्ता 350 रुपये देय है. उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन वर्षों से 15 रुपये प्रति उत्तरपुस्तिका देय है, जबकि बिहार के अन्य विश्वविद्यालयों में यह राशि दोगुनी कर दी गयी है. संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी का सेवा सामंजन नहीं होने के चलते कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर वेतनमान व पेंशन का भुगतान करने का आदेश निर्गत किया गया है. प्रो आलोक ने कहा कि पूर्व से निर्धारित गर्मी की छुट्टियां को कटौती कर दी गयी है, इससे शिक्षक व कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है. वित्तरहित शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय में आंदोलन चलाने का भी निर्णय लिया है.
संबद्ध कॉलेजों के वित्तरहित शिक्षकों की उपेक्षा कर रहा पूर्णिया विवि : प्रो आलोक
पूर्णिया विश्वविद्यालय के वित्त रहित संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के नेता पूर्व प्राचार्य प्रो आलोक कुमार ने शिक्षकों की बैठक में विश्वविद्यालय के वित्त हित महाविद्यालयों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करते हुए उच्च शिक्षा के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता का आरोप लगाया है.
