छात्र नेताओं की भूख हड़ताल के बीच स्नातक नामांकन के आवेदन शुल्क पर पूर्णिया विवि ने जारी किया स्पष्टीकरण

स्नातक नामांकन के आवेदन शुल्क को लेकर पूर्णिया विश्वविद्यालय ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है.

पूर्णिया की रिपोर्ट :

– पूर्णिया विश्वविद्यालय का आवेदन शुल्क अन्य समकालीन विश्वविद्यालयों की तुलना में कम

पूर्णिया. छात्र नेताओं की भूख हड़ताल के बीच स्नातक नामांकन के आवेदन शुल्क को लेकर पूर्णिया विश्वविद्यालय ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. पूर्णिया विवि के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूर्णिया विश्वविद्याल ने स्नातक नामांकन सत्र 2026-30 हेतु निर्धारित आवेदन शुल्क के संबंध में विभिन्न छात्र संगठनों एवं अभ्यर्थियों के बीच उत्पन्न शंकाओं एवं भ्रांतियों को दूर करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन शुल्क का निर्धारण विश्वविद्यालय की प्रशासनिक, तकनीकी एवं वित्तीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है. विश्वविद्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 600 तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये निर्धारित किया गया है. विश्वविद्यालय ने कहा है कि इसकी तुलना पुराने एवं दशकों से स्थापित विश्वविद्यालयों से करना उचित नहीं है, क्योंकि पूर्णिया विश्वविद्यालय वर्ष 2018 में स्थापित एक अपेक्षाकृत नया विश्वविद्यालय है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों के पास वर्षों से विकसित आधारभूत संरचना, परिसंपत्तियाँ एवं संसाधन उपलब्ध हैं.

विश्वविद्यालय ने बताया कि 18 मार्च 2018 को बिहार सरकार द्वारा स्थापित तीन नए विश्वविद्यालयों पूर्णिया विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के संदर्भ में तुलना अधिक उपयुक्त होगी. वर्तमान में मुंगेर विश्वविद्यालय में नामांकन हेतु लगभग 1000 आवेदन शुल्क लिया जा रहा है, जबकि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में सामान्य वर्ग के लिए 600 तथा SC/ST वर्ग के लिए 450 आवेदन शुल्क निर्धारित है इस प्रकार पूर्णिया विश्वविद्यालय का आवेदन शुल्क अन्य समकालीन विश्वविद्यालयों की तुलना में कम अथवा प्रतिस्पर्धी है. स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक विश्वविद्यालय अपनी आवश्यकताओं एवं संसाधनों के आधार पर शुल्क संरचना निर्धारित करता है. जिस प्रकार मुंगेर विश्वविद्यालय एवं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय अपने मूल विश्वविद्यालयों से अलग होकर स्वतंत्र शुल्क व्यवस्था संचालित कर रहे हैं, उसी प्रकार पूर्णिया विश्वविद्यालय भी अपनी प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप शुल्क निर्धारण कर रहा है.

वर्ष 2023 के बाद आवेदन शुल्क में कोई वृद्धि नहीं

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि वर्ष 2018 में ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होने के समय भी आवेदन शुल्क 600 निर्धारित था. वर्ष 2019 में इसे घटाकर 500 किया गया था, किंतु बढ़ती तकनीकी, प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए पुनः शुल्क संरचना का पुनर्निर्धारण किया गया है. वर्ष 2023 के बाद आवेदन शुल्क में कोई वृद्धि नहीं की गई है.

समर्थ पोर्टल को लेकर भी विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट की

नामांकन प्रक्रिया में प्रयुक्त समर्थ पोर्टल को लेकर भी विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है. विश्वविद्यालय के अनुसार समर्थ पोर्टल देश के अनेक विश्वविद्यालयों तथा बिहार सरकार द्वारा उपयोग की जाने वाली एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा है. पोर्टल के उपयोग मात्र से आवेदन शुल्क में स्वतः कमी होना आवश्यक नहीं है, क्योंकि शुल्क निर्धारण विभिन्न प्रशासनिक एवं तकनीकी व्ययों को ध्यान में रखकर किया जाता है.

अंकेक्षण को विवि तैयार

विश्वविद्यालय ने आवेदन शुल्क से प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का भी खंडन किया है. विवि प्रशासन ने कहा है कि आवेदन शुल्क से प्राप्त धनराशि का उपयोग केवल विश्वविद्यालयीय कार्यों, तकनीकी सेवाओं, नामांकन प्रबंधन एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं में किया जाता है. यदि किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच अथवा अंकेक्षण (Audit) कराया जाता है, तो विश्वविद्यालय पूर्ण पारदर्शिता के साथ सभी अभिलेख उपलब्ध कराएगा.

विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर मिला

अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष एक ही आवेदन शुल्क पर दो अलग-अलग विषयों/पाठ्यक्रमों तथा विभिन्न महाविद्यालयों के विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान की गई है. इससे विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें अलग-अलग आवेदन पत्र भरने की आवश्यकता नहीं होगी. विश्वविद्यालय ने यह भी जानकारी दी कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एकसमान आवेदन शुल्क निर्धारित किए जाने का प्रस्ताव कुलाधिपति सह राज्यपाल महोदय की अध्यक्षता में आयोजित कुलपतियों की बैठक में प्रस्तुत किया गया है. इस संबंध में भविष्य में राज्य स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है.

अबतक आये 45 हजार आवेदन

नामांकन की अंतिम तिथि के संबंध में विश्वविद्यालय ने बताया कि प्रारंभिक रूप से विलंब शुल्क के साथ आवेदन की व्यवस्था की गई थी, किंतु विद्यार्थियों के हित में आवेदन की अंतिम तिथि को 07 जून 2026 तक बिना किसी विलंब शुल्क के विस्तारित कर दी गयी है. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 01 जुलाई से स्नातक प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं प्रारंभ होनी हैं, इसलिए नामांकन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना आवश्यक है. वर्तमान में 45 हजार से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं.

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