पूर्णिया के बनमनखी से रिपोर्ट :
बनमनखी. बनमनखी अनुमंडल कार्यालय के सभागार में मंगलवार को उस समय निजी विद्यालय संचालकों के बीच हड़कंप मच गया, जब एसडीएम प्रमोद कुमार ने स्कूलों की कार्यप्रणाली, फीस संरचना और विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सख्त तेवर अपनाए. निजी विद्यालयों के संचालकों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम ने साफ शब्दों में कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की मनमानी और अभिभावकों का आर्थिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.बैठक में बनमनखी एवं जानकीनगर क्षेत्र के निजी विद्यालयों के संचालक उपस्थित थे. एसडीएम ने एक-एक विद्यालय की फीस संरचना, वार्षिक बजट, री-एडमिशन प्रक्रिया, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की संख्या, शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता, विद्यालय के शैक्षणिक प्रदर्शन तथा आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की.इसके अलावा विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, अग्निशमन यंत्र, स्कूल वाहन एवं प्रशिक्षित चालक, आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा गार्ड, खेल मैदान तथा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकित बच्चों की सूची की भी जानकारी ली गई.अधिकांश स्कूलों ने ली मोहलत
समीक्षा के दौरान चौंकाने वाली स्थिति तब सामने आई जब अधिकांश विद्यालय संचालक मांगे गए दस्तावेज और प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके. केवल एक-दो विद्यालयों को छोड़कर अन्य संचालकों के पास आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं थे. इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी संबंधित विद्यालयों को अगली बैठक में पूरी तैयारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया.अभिभावकों की शिकायतों पर प्रशासन सख्त
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि निजी विद्यालयों के खिलाफ लगातार अभिभावकों की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में अत्यधिक फीस वसूली, जबरन री-एडमिशन शुल्क, निर्धारित दुकानों से ड्रेस खरीदने का दबाव तथा विशेष प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने जैसे आरोप शामिल हैं. इन्हीं शिकायतों के आलोक में विद्यालय संचालकों के साथ बैठक कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की गई.
मनमानी नहीं चलेगी, होगी कठोर कार्रवाई
बैठक में एसडीएम ने दो टूक कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों और शिक्षा विभाग के नियमों का पालन हर हाल में करना होगा. यदि कोई विद्यालय नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को लिखा जाएगा. उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विद्यालय द्वारा री-एडमिशन के नाम पर अवैध वसूली, किसी विशेष दुकान से ड्रेस खरीदने की बाध्यता या किसी खास प्रकाशक की पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाया गया तो ऐसे विद्यालयों की मान्यता और अनुज्ञप्ति रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी.प्रशासन की सख्ती से स्कूल संचालकों में बेचैनी
करीब दो घंटे तक चली बैठक में एसडीएम के कड़े सवालों और स्पष्ट चेतावनी के बाद निजी विद्यालय संचालकों के बीच बेचैनी साफ दिखाई दी। बैठक के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर प्रशासन के सख्त रुख की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही.प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में निजी विद्यालयों की व्यवस्थाओं, फीस संरचना और नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी की जाएगी तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
