Private Hospital: पूर्णिया के भवानीपुर से इंदेश्वरी यादव की रिपोर्ट: पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल (Private Clinic) में इलाज और ऑपरेशन के नाम पर एक महिला की जान से खिलवाड़ करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. यहाँ गुप्तांग से संबंधित बीमारी के ऑपरेशन के दौरान कथित रूप से महिला की मौत हो गई, जिसके बाद अपनी गर्दन फंसती देख निजी अस्पताल के संचालक व डॉक्टर ने आनन-फानन में मरीज को पूर्णिया रेफर करने का नाटक किया. पूर्णिया के एक अस्पताल में महिला को मृत घोषित किये जाने के बाद, मृतका के परिजन बुधवार को शव लेकर भवानीपुर लौटे और स्थानीय थाने में डॉक्टर के खिलाफ लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगायी है.
शाम में भर्ती, रात 9 बजे ऑपरेशन और 11 बजे ‘रेफर’ का नाटक
मृतका की पहचान जरलाही पंचायत (वार्ड संख्या 05), बसवार मलिनिया कुरसेला निवासी 45 वर्षीय विमला देवी (पति शंकर मंडल) के रूप में की गई है. जीएमसीएच और भवानीपुर थाने में रोती-बिलखती मृतका की बेटी बीना कुमारी (पति बिट्टू मंडल, निवासी बिरसेल) ने रोते हुए अस्पताल के भीतर की पूरी कहानी बयां की:
- मंगलवार दोपहर 3 बजे: विमला देवी को गुप्तांग से जुड़ी गंभीर समस्या के कारण परिजन भवानीपुर के उक्त निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन की बात कही.
- रात 9 बजे: डॉक्टरों की टीम महिला को ऑपरेशन थिएटर (OT) के अंदर ले गई. करीब दो घंटे तक परिजन बाहर इंतजार करते रहे.
- रात 11 बजे: अचानक ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकलकर डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि मरीज की हालत थोड़ी गंभीर है और यहाँ आईसीयू (ICU) की व्यवस्था नहीं है, इसलिए इन्हें तुरंत पूर्णिया ले जाना होगा.
डॉक्टर की ही गाड़ी से भेजा पूर्णिया, मृत घोषित होते ही गाड़ी लेकर भागे स्टाफ
मृतका की बेटी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस बुलाने के बजाय अपनी ही एक निजी गाड़ी से विमला देवी को पूर्णिया भेजा. परिजन जब उसे लेकर पूर्णिया के एक बड़े निजी अस्पताल पहुंचे, तो वहां के डॉक्टरों ने नब्ज देखते ही विमला देवी को ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल आने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया. परिजनों के मुताबिक, विमला देवी की मौत भवानीपुर के ऑपरेशन थिएटर में ही हो चुकी थी, लेकिन हंगामा और केस से बचने के लिए डॉक्टर ने उन्हें रेफर करने का झूठ बोला.
जैसे ही पूर्णिया में महिला की मौत की पुष्टि हुई, भवानीपुर से साथ आए डॉक्टर के स्टाफ और चालक, मृतका के परिजनों को रोता-बिलखता असहाय छोड़कर अपनी गाड़ी सहित मौके से नौ दो ग्यारह (फरार) हो गए.
भवानीपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू, इलाके में तनाव
इस दर्दनाक और धोखाधड़ी वाली घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बुधवार को परिजन शव को एम्बुलेंस से लेकर वापस भवानीपुर पहुंचे और स्थानीय थाने को घटना की विस्तृत जानकारी दी.
भवानीपुर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH Purnia) भेज दिया है. थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से लापरवाही से मौत और साक्ष्य छुपाने/भागने को लेकर संबंधित निजी अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ नामजद आवेदन प्राप्त हुआ है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अस्पताल के दस्तावेजों व सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के साथ ही फरार डॉक्टर और स्टाफ की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है. इस घटना के बाद से भवानीपुर बाजार के स्वास्थ्य महकमे और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
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