जन सुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है. रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में उदय सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा की राजनीति को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'राजनीतिक विरोध करें, व्यक्तिगत लांछन न लगाएं'
पप्पू यादव को सीधे शब्दों में आड़े हाथों लेते हुए जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में मुद्दों पर सवाल उठाने और नीतियों की आलोचना करने का सबको अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है.
उदय सिंह ने कहा:
"हमने अब तक संयम बनाए रखा है, इसका मतलब यह कतई नहीं कि हमें जवाब देना नहीं आता. हमारी शालीनता को कमजोरी मानने की भूल न की जाए. अगर व्यक्तिगत हमलों का दौर जारी रहा, तो हम भी एक-एक बयान का तथ्य और आंकड़ों के साथ जनता की अदालत में जवाब देंगे."
गाली-गलौज से न नौकरी मिलेगी और न दूर होगा पलायन
बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए उदय सिंह ने कहा कि राज्य की जनता अब पुरानी और स्तरहीन राजनीति से पूरी तरह ऊब चुकी है. उन्होंने कहा कि किसी नेता को गाली देने या उस पर छींटाकशी करने से न तो बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, न किसानों की आय बढ़ेगी, न स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरेगी और न ही बिहार से होने वाला पलायन रुकेगा.
'मुद्दों और आंकड़ों पर बहस करें सांसद'
जन सुराज अध्यक्ष ने सांसद पप्पू यादव को सलाह दी कि वे स्तरहीन बयानबाजी छोड़कर जनता के असली मुद्दों और राज्य के विकास पर ध्यान केंद्रित करें. उन्होंने कहा कि यदि सांसद को जन सुराज या प्रशांत किशोर की सोच से असहमति है, तो वे नीतियों, विजन, आंकड़ों और कार्यक्रमों पर खुली बहस करें.
