– बलवाटोली किस्मत नगर में दो दिवसीय संतमत सत्संग संपन्न अमौर. अमौर प्रखंड क्षेत्र के बलवाटोली किस्मत नगर में दो दिवसीय संतमत सत्संग श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया. इस आध्यात्मिक समागम में महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के अनुयायियों का सैलाब उमड़ा,.जहां विद्वान संतों ने गुरु महिमा, ईश्वर भक्ति और नैतिक जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डाला. कुप्पा घाट, भागलपुर से पधारे परम पूज्य स्वामी नरेशानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में मानव जीवन के सार को समझाया. उन्होंने कहा कि संसार में हर व्यक्ति सुख की खोज में कर्मरत है, लेकिन वास्तविक शांति के अभाव में वह किसी न किसी रूप में दुखी रहता है.महाराज जी ने जोर देकर कहा मानव जीवन में जब भी अवसर मिले, व्यक्ति को निश्चित रूप से सत्संग और भजन-कीर्तन में शामिल होना चाहिए. सत्संग ही वह मार्ग है जो अंतरात्मा को शांति प्रदान करता है.काशी बनारस के कैलाश मठ से आए स्वामी रविशंकरानंद जी महाराज ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति की श्रेष्ठता पर चर्चा की. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी जड़ों और सनातन धर्म के गौरवशाली इतिहास से जुड़े रहने का आह्वान किया. सत्संग के दौरान गुरु महिमा के भजनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा.कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया.इस भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा.
सत्संग से ही अंतरात्मा को मिलती है शांति : स्वामी नरेशानंद
स्वामी नरेशानंद बोले
