पूर्णिया के सूप पर केरल-उड़ीसा के नारियल से भगवान दिया जायेगा अर्घ

लोक आस्था के महापर्व छठ

पूर्णिया. लोक आस्था के महापर्व छठ को देश विदेश तक पहुंचाने का श्रेय भले ही बिहार को जाता हो लेकिन इस महापर्व को लेकर दूसरे प्रदेश को भी एक बड़ा बाजार मिल जाता है. कुछ ऐसा ही हाल है पूर्णिया के फल बाजारों का जहां छठ पर्व को लेकर पड़ोसी राज्य बंगाल के साथ केरल का जादू अपना जलवा दिखा रहा है. नतीजा यह है कि इस पर्व के एक चौथाई भाग पर बंगाल व केरल-उड़ीसा के फलों ने कब्जा कर लिया है. खुश्कीबाग फल मंडी में केला, नारियल, गन्ना, अमरुद, अनानाश, गाजर की सप्लाई पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से हो रही है. हाल यह है कि असम से मंगाई गयी नारियल की खेप के सामने बंगाल से आये नारियल की कीमत कम होने की वजह से बंगाल के नारियल का बाजार गर्म है. लोग बंगाल के बाद दक्षिण भारत से आये नारियल की खरीद कर रहे हैं और आखिर में असम का नाम आता है. वहीं अनानाश के मामले में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी का एकछत्र राज बना हुआ है. जबकि गाजर की खेप भी सिलीगुड़ी से ही आ रही है. वहीं रायगंज का गन्ना यहां अपनी मिठास लेकर पहुंच गया है. जबकि इलाहाबादी अमरुद की तुलना में सस्ते अमरुद को खुश्कीबाग मार्केट तक पहुचाने में भी बंगाल का बड़ा योगदान दिख रहा है. टोकरी व सूप बिहार-झारखंड काछठ पूजा में दाउरा व सूप पूर्णिया के अलावा बिहार के साथ-साथ पड़ोसी झारखंड से आया है. इस बार दाउरा व सूप लोकल भी है. इसके अलावा बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा झारखंड से भी मंगाए गये हैं. इस बार टोकरी व सुपती में पिछले साल से कुछ ज्यादा रेट है.

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