ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, प्रभारी डीएम बोले- जनभागीदारी जरूरी पूर्णिया. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ””नो व्हीकल डे”” के आह्वान का शुक्रवार को पूर्णिया जिले में आयोजित ‘नो व्हीकल डे’का व्यापक असर देखा गया. इसके तहत समाहरणालय सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी निजी एवं सरकारी वाहनों को छोड़कर पैदल, साइकिल, बैट्री चालित टोटो रिक्शा तथा सार्वजनिक वाहनों से कार्यालय पहुंचे.इसी क्रम में प्रभारी जिला पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार बैट्री चालित टोटो रिक्शा से समाहरणालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए कहा कि नो व्हीकल डे का उद्देश्य केवल ईंधन की बचत करना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है. उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और वैश्विक संकट से निपटने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है. जिले में अधिकारियों की इस पहल को लेकर लोगों के बीच सकारात्मक संदेश गया. प्रशासन ने आम लोगों से भी सप्ताह में कम-से-कम एक दिन निजी वाहनों का उपयोग कम करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने की अपील की है.गौरतलब है कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में उत्पन्न भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है.इसी के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा डीजल-पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों का कम उपयोग करने तथा सप्ताह में एक दिन ””नो व्हीकल डे”” मनाने का आह्वान किया गया था.
पूर्णिया में ‘नो व्हीकल डे’की शुरूआत, अधिकारी पैदल, साइकिल व टोटो से पहुंचे दफ्तर
अधिकारी पैदल, साइकिल व टोटो से पहुंचे दफ्तर
