कोसी-सीमांचल के विकास की उपेक्षा अब स्वीकार्य नहीं : सांसद

पूर्णिया के विकास के लिए रखे अहम संशोधन प्रस्ताव

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पप्पू यादव ने पूर्णिया के विकास के लिए रखे अहम संशोधन प्रस्ताव पूर्णिया. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने पूर्णिया के साथ कोसी-सीमांचल क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किये. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में बिहार के कोसी-सीमांचल, विशेष रूप से पूर्णिया जिले से जुड़े बुनियादी और रणनीतिक विकास मुद्दों का उल्लेख न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. सांसद ने सरकार से मांग की कि इस क्षेत्र के लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाए जायें. सांसद पप्पू यादव ने सबसे पहले पूर्णिया में पटना उच्च न्यायालय की दूसरी पीठ (सेकेंड बेंच) की स्थापना का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कोसी-सीमांचल के लाखों लोगों को न्यायिक सुविधाओं के लिए पटना की लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन अभिभाषण में इस दिशा में आवश्यक संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने का कोई उल्लेख नहीं किया गया. उन्होंने इसे क्षेत्र की न्यायिक आवश्यकता और अधिकारों की अनदेखी बताया.उन्होंने रेलवे परियोजनाओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए. सांसद ने कहा कि कोसी-सीमांचल में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण, आरओबी-आरयूबी निर्माण तथा लंबी दूरी की ट्रेनों की शुरुआत के लिए कोई स्पष्ट योजना या समयसीमा अभिभाषण में नहीं रखी गई। उन्होंने मांग की कि क्षेत्र की परिवहन जरूरतों को देखते हुए रेलवे अवसंरचना को मजबूत करने के लिए विशेष पैकेज दिया जाए. सांसद पप्पू यादव ने कृषि और स्थानीय संसाधनों पर आधारित एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु विशेष वित्तीय पैकेज की भी मांग की. उन्होंने कहा कि पूर्णिया और आसपास के जिलों में औद्योगिक क्लस्टर, साझा सुविधा केंद्र, विपणन सहायता, कौशल विकास और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता है, लेकिन अभिभाषण में इसका कोई उल्लेख नहीं है. कोसी नदी के व्यापक प्रबंधन और विकास परियोजना को लेकर भी सांसद ने विशेष संशोधन प्रस्ताव रखा. साथ ही सीमावर्ती सड़कों, लॉजिस्टिक कॉरिडोर और हर मौसम वाली सड़कों के निर्माण के लिए भी विशेष सहायता की मांग की. इसके अलावा सांसद ने पूर्णिया में केंद्रीय विश्वविद्यालय, एम्स, आईआईटी, आईआईएम और एनआईएफटी जैसी संस्थाओं की स्थापना की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के बड़े संस्थान कोसी-सीमांचल के युवाओं को अवसर प्रदान करेंगे. सांसद ने स्पष्ट किया कि कोसी-सीमांचल के विकास की उपेक्षा अब स्वीकार नहीं की जाएगी और सरकार को क्षेत्र के लिए ठोस व समयबद्ध योजनाएं बनानी होंगी.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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