-फाइलेरिया एक बीमारी है जिससे सुरक्षा के लिए सभी लोगों को दवा खाना जरूरी : सिविल सर्जन पूर्णिया. जिले के सभी प्रखंडों में लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम एमडीए एवं आइडीए का संचालन किया जा रहा है.इसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर पहुंचकर दवा खिलाई जा रही है.दवा का सेवन करने के लिए एनसीसी कैडेट्स द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया. इस दौरान एनसीसी बटालियन 35 द्वारा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) से आसपास के क्षेत्रों में रैली निकालते हुए लोगों को फाइलेरिया सुरक्षा के लिए दवा सेवन करने के लिए जागरूक किया गया.इस मौके पर एनसीसी बटालियन के अधिकारियों के साथ साथ एनसीसी कैडेट्स के कर्मी, सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया, जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल, भीडीसीओ रवि नंदन सिंह, डीभीबीडीसी सोनिया मंडल, डब्लूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ दिलीप कुमार और पिरामल स्वास्थ्य के कर्मी रणवीर कुमार सहित संबंधित कर्मी उपस्थित थे. सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि फाइलेरिया एक बीमारी है जिससे सुरक्षा के लिए सभी लोगों को दवा खाना जरूरी है. फाइलेरिया बीमारी में लोगों का हाथ या पैर फूल जाता है और पैर या हाथ हाथीपांव जैसा हो जाता है. इसका कोई इलाज नहीं हो सकता है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाथीपांव को रोकने के लिए जिले में एमडीए अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर पहुंचकर सभी लोगों को फाइलेरिया से सुरक्षा के लिए दवा खिलाई जा रही है. बीमारी से बचाव है आसान लोगों को इस बीमारी से सुरक्षित रहने के लिए साल में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करते हुए फाइलेरिया ग्रसित होने से सुरक्षित रहते हुए कर सकते हैं. लोगों द्वारा दवाइयों का सेवन अपने घर आने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही दवा खाते हुए करना सुनिश्चित करना चाहिए. यह दवाई लोगों को खाली पेट नहीं खाते हुए कुछ खाना खाने के बाद ही सुनिश्चित करना है. कुछ लोगों पर दवा खाने से मामूली प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं जैसे – सिर दर्द, उल्टी, चक्कर, बुखार, दस्त इत्यादि। लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है.
फाइलेरिया दवा सेवन के लिए एनसीसी कैडेट्स ने लोगों को किया जागरूक
फाइलेरिया एक बीमारी है जिससे सुरक्षा के लिए सभी लोगों को दवा खाना जरूरी
