पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Sthayi Samiti Election: पूर्णिया नगर निगम के भीतर प्रशासनिक और वित्तीय गलियारों में ‘सशक्त स्थायी समिति’ (Empowered Standing Committee) के सदस्यों के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. शुक्रवार को जिला समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) सभागार में इस बेहद रसूखदार और ताकतवर समिति के 7 सदस्यों को चुनने के लिए मतदान और चयन की आधिकारिक प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गई है. विशेष बात यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के तय दिशा-निर्देशों के अनुसार, आज एक ही दिन के भीतर नामांकन, स्क्रूटनी, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कर परिणाम (रिजल्ट) घोषित कर दिए जाएंगे. पूर्णिया नगर निगम के साथ-साथ आज ही जिले के दो नगर परिषदों व आठ नगर पंचायतों में भी स्थायी समिति के गठन की कवायद चल रही है.
46 में से 45 पार्षद पहुंचे, वार्ड 5 की पार्षद निर्जला देवी रहीं अनुपस्थित
नगर निगम के इस सबसे महत्वपूर्ण और कड़े मुकाबले वाले चुनाव को लेकर पार्षदों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
- पार्षदों का जमावड़ा: समाहरणालय परिसर में पारदर्शिता के कड़े इंतजामों के बीच सुबह 07:30 बजे से ही पार्षदों का जुटना शुरू हो गया था, जिन्हें सुबह 08:00 बजे तक सभागार के भीतर प्रवेश कर जाना था.
- एक पार्षद अनुपस्थित: नगर निगम के कुल 46 वार्ड पार्षदों में से 45 पार्षद समय पर समाहरणालय सभागार पहुंच चुके हैं. जबकि वार्ड संख्या 05 की माननीय पार्षद निर्जला देवी शहर से बाहर होने के कारण इस महत्वपूर्ण मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकीं.
गुप्त मतदान के तुरंत बाद होगी काउंटिंग, वीडियोग्राफी के कड़े इंतजाम
सभागार के भीतर चल रही चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी वोटिंग की वीडियोग्राफी कराई जा रही है. तय नियमों के अनुसार, सभी उपस्थित वार्ड पार्षद मतपेटिकाओं (बैलेट बॉक्स) में गुप्त रूप से अपने मत डालेंगे. प्रत्येक निर्वाचित वार्ड पार्षद को सभी रिक्तियों के विरुद्ध एक-एक बार मतदान करने का अधिकार दिया गया है.
तुरंत होगी मतगणना: मतदान की समय सीमा समाप्त होने के ठीक बाद, समाहरणालय सभागार में ही सभी उपस्थित और प्रतिनियुक्त अधिकारियों व उम्मीदवारों के समक्ष मतपेटिकाओं को खोला जाएगा. रिक्तिवार मतों की गिनती (काउंटिंग) तुरंत शुरू की जाएगी और जो भी नामांकित पार्षद अधिकतम मत (वोट) प्राप्त करेगा, उसे संबंधित रिक्ति के विरुद्ध आधिकारिक रूप से निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा.
क्यों इतना महत्वपूर्ण है सशक्त स्थायी समिति का सदस्य बनना?
नगर निगम की कार्यप्रणाली को समझने वाले जानते हैं कि महापौर (मेयर) और उप-महापौर (डिप्टी मेयर) के बाद सशक्त स्थायी समिति ही निगम की असली ‘कैबिनेट’ होती है.
- विकास कार्यों की मंजूरी: शहर के भीतर किसी भी बड़े वार्ड में सड़क, नाला या लाइट लगाने जैसे विकास कार्य, टेंडर (Tender) प्रक्रिया, वार्षिक वित्तीय बजट और नई योजनाओं को अंतिम मंजूरी देने का एकाधिकार इसी समिति के पास होता है.
- फैसलों पर नियंत्रण: इस समिति के 7 सदस्य सीधे तौर पर नगर निगम के बड़े वित्तीय फैसलों को नियंत्रित करते हैं. यही वजह है कि इसमें जगह बनाने के लिए पार्षदों के बीच पिछले कई दिनों से गुप्त बैठकें, गुणा-गणित और लामबंदी का दौर चल रहा था.
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद बिहार नगरपालिका अधिनियम-2007 की धारा-24 के प्रावधानों के तहत सशक्त स्थायी समिति के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. दोपहर बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि पूर्णिया नगर निगम के विकास की कमान किन 7 पार्षदों के हाथों में सुरक्षित हुई है.
