रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मिले सांसद, वंदे भारत व आम्रपाली एक्सप्रेस चलाने का किया आग्रह

वंदे भारत व आम्रपाली एक्सप्रेस चलाने का किया आग्रह

पूर्णिया. नयी दिल्ली स्थित रेलवे भवन में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कोसी और सीमांचल क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल संबंधी मांगों को लेकर आग्रह पत्र सौंपा. जिसे बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा संज्ञान में लिया गया. पप्पू यादव ने कहा कि सीमांचल और कोसी अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में बसे जोगबनी,पूर्णिया जं.,कोर्ट स्टेशन,के नगर,बनमनखी,जानकीनगर,मुरलीगंज,मधेपुरा और सहरसा को जोड़ते हुए पटना तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलायी जाये. इससे न केवल इस पिछड़े अंचल को राजधानी से तीव्र गति संपर्क मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों की भी पहुंच सुलभ हो सकेगी.सांसद ने बोर्ड अध्यक्ष को बताया कि उन्होंने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को पत्र लिखकर गाड़ी संख्या 15707/15708 आम्रपाली एक्सप्रेस को वाया पूर्णिया–बनमनखी–सहरसा चलाने का अनुरोध किया था. इस पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के अपर महाप्रबंधक ने 17 फरवरी 2025 को पूर्व मध्य रेलवे को सहमति हेतु पत्र भेजा है.अब यह आवश्यक है कि रेलवे बोर्ड इस प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति देकर पूर्णिया, मधेपुरा और सहरसा के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ दे. दो प्रमुख क्रॉसिंग पर लगे फाटक सांसद ने बताया कि बिहारीगंज-बनमनखी रेलखंड पर दो प्रमुख क्रॉसिंग एक नगर परिषद वार्ड 13, हनुमान नगर में और दूसरी औराही पंचायत, बी. कोठी प्रखंड में है जहां आज तक कोई फाटक नहीं है. इन दोनों स्थलों पर घनी आबादी, स्कूल, धार्मिक स्थल व बाजार हैं और दैनिक हादसे की आशंका बनी रहती है. उन्होंने रेलवे अंडरपास निर्माण हेतु त्वरित बजटीय स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया की मांग की. परियोजना के सर्वेक्षण स्वीकृति पर धन्यवाद सांसद ने बिहारीगंज-वीरपुर-त्रिवेणीगंज रेल परियोजना के सर्वेक्षण स्वीकृति पर धन्यवाद दिया, लेकिन अभी तक कार्य शुरू न होने पर गहरी नाराजगी जतायी.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र हर साल 6 महीने जलमग्न रहता है, ऐसे में यह रेल परियोजना जीवनरेखा बन सकती है. उन्होंने आग्रह किया कि कोई तकनीकी या प्रशासनिक बाधा हो तो बोर्ड स्वयं पहल कर रास्ता निकाले. परियोजना को बार-बार टालने पर जताया विरोध पूर्व स्वीकृत और बजट आवंटित होने के बावजूद कुर्सेला से बिहारीगंज तक प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना को बार-बार टालने पर उन्होंने विरोध जताया. यह परियोजना न केवल कोसी क्षेत्र की जनभावनाओं से जुड़ी है बल्कि आर्थिक विकास, शिक्षा, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है. उन्होंने इस परियोजना के शीघ्र शिलान्यास की मांग की.सांसद पप्पू यादव ने दरभंगा–सहरसा–फॉरबिसगंज–जोगबनी होते हुए नई रेलवे लाइन की रणनीतिक जरूरत को रेखांकित किया. कटिहार-छपरा रूट पर वैकल्पिक रेलवे लाइन की ज़रूरत सांसद ने कहा कि कटिहार-छपरा रेलखंड देश के सबसे व्यस्त और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गों में से है. यहां से पूर्वोत्तर भारत के यात्री और मालगाड़ियां, साथ ही सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही होती है. ट्रैफिक दबाव और विलंब को देखते हुए इस मार्ग पर एक वैकल्पिक रेलवे लाइन की जरूरत है ताकि रक्षा तंत्र, आपदा प्रबंधन और व्यापार सुचारू रह सके.उन्होंने रेलवे बोर्ड से अपेक्षा की कि इन सभी मांगों को शीघ्र प्राथमिकता में लाकर कार्य प्रारंभ कराया जाए.

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Author: ARUN KUMAR

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