Purnia Airport: पूर्णिया एयरपोर्ट के निर्माण कार्य पर सांसद पप्पू यादव ने जताई नाराजगी, ठेकेदारों पर लगाए गंभीर आरोप

Purnia Airport: पूर्णिया एयरपोर्ट को जल्द ही नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है. इससे क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसी बीच निर्माण कार्य में हो रही देरी पर एमपी सांसद पप्पू यादव ने नाराजगी जताई है.

Purnia Airport: पूर्णिया एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू होने से समाज का संपन्न घराना काफी खुश है. ऐसे लोगों की हवाई सेवा आरंभ होने की उत्सुकताओं, आशाओं और आकांक्षाओं से इतर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो हवाई अड्डा के निर्माण में दिन-रात मेहनत-मजदूरी कर रहे हैं.

उन्हें इस बात का जरा सा भी मलाल नहीं कि वे अपने जीवन में पूर्णिया हवाई अड्डे से हवाई जहाज पर बैठकर कहीं की यात्रा भी कर सकेंगे या नहीं लेकिन उनके बीच इस बात को लेकर खुशी है कि उनके घर से अब जल्द ही हवाई जहाज की सेवा शुरू होगी. इसके लिए वे लगातार एयरपोर्ट निर्माण कार्यों में लगे हुए हैं.

उन्हें इस बात की भी अत्यधिक खुशी है कि उनकी आनेवाली पीढ़ी जब यहां से गुजरेगी तो वे उसे गर्व से बतायेंगे कि यहां से उड़ान भले ही वे नहीं भर पाये, लेकिन इस स्थान को उड़ान भरने के योग्य बनाने के लिए हवाई अड्डे के निर्माण में उन्होंने भी मेहनत की है, पसीने बहाये हैं और इसके मार्ग को प्रशस्त करने में कंकड़, पत्थर और ईंटें जोड़ी हैं.

स्थानीय लोगों को अपने घर में मिला है रोजगार

पूर्णिया हवाई अड्डे में अलग-अलग फेज में विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्यों में अनेक ट्रेड के लोग लगे हुए हैं. कुछ टर्मिनल बिल्डिंग में लगे हैं तो कुछ फ्रेम वर्क में कुछ चहारदीवारी का काम कर रहे हैं तो कुछ सड़क निर्माण में लगे हैं तो कोई एयरपोर्ट के लिए बन रहे स्थल पर भांती-भांती के कार्यों में अपना समय और श्रम दे रहे हैं.

कामगारों में बड़ी संख्या में यहां के स्थानीय और आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हैं. जब से यहां के निर्माण कार्यों से वे जुड़े हैं सभी प्रत्येक दिन अपने घर परिवार के साथ मिलते जुलते हैं उनके साथ रहते हैं इससे घरों की देखभाल का उन्हें मौका मिल गया है, इससे उन सभी के बीच खुशी का माहौल है, अन्यथा उन सभी का यह समय दिल्ली पंजाब या अन्य प्रदेशों में कटता.

यहां काम करने वाले क्या बोले

रहुआ निवासी अमरजीत यादव ने कहा कि हवाई अड्डा के लिए सड़क बनाने वाली कंपनी ने यहां काम करने के लिए भेजा है. मेरा घर यहीं रहुआ गांव में है. लगभग तीन माह से यहां काम कर रहे हैं. घर में काम मिल जाना बड़ी बात है. दिनभर काम और रात में घर पहुंचकर परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिल रहा है. इसके अलावा अपने इलाके में हवाई जहाज से उड़ान भरने का स्थान तैयार हो रहा है तो काम करने में और भी अच्छा लग रहा है.

दीपक कुमार ने बताया कि कंपनी जहां भी काम लेती है, हमें वहां जाना पड़ता है. अभी अपने घर के निकट काम मिला है तो बहुत आराम है. घर परिवार खेती सबकुछ पर नजर है. वैसे यूपी, बंगाल, दक्षिण भारत आदि स्थानों में काम के सिलसिले में घर से दूर जाना ही पड़ता है. इस बात की खुशी है कि हमलोग हवाई जहाज पर चढ़ें या न चढ़ें, लेकिन बच्चों को तो बता ही सकते हैं कि पूर्णिया में हवाईअड्डे को तैयार करने में हमने भी योगदान दिया है.

मो. शकूर आलम ने बताया कि पहले तीन-चार महीने बाद अपने घर लौटते थे, अभी हाल ही में धान रोपाई को लेकर यूपी से अपने घर लौटे हैं. यहां नजदीक में ही एयरपोर्ट की चहार दीवारी को तैयार करने का ठेका मिला है. दिनभर काम करने के बाद शाम को घर चले जाते हैं. खेती बटैया का भी अपना काम देख लेते हैं और परिवार बच्चों के बीच समय गुजर रहा है. अपने घर में काम जब मिले तो भला बाहर काम करने क्यों जाएगा लोग.

मो. आरजू ने बताया कि बस्ती के ही लोगों का हमारा ग्रुप है सभी मकान, दीवार वगैरह जोड़ने बनाने पलस्तर आदि का काम करते हैं. कई लोग हेड मिस्त्री हैं कुछ मजदूरी में लगे हैं. जब से यहां काम मिला है मन में अलग तरह का उमंग है. पूर्णिया की धरती पर एक तरह से बहुत बड़ा काम हो रहा है हवाई अड्डा का निर्माण होना फक्र की बात है और उसमें भी इस बात को लेकर खुशी है कि उसे तैयार करने में मैं भी कंकड़ पत्थर जोड़ रहा हूं.

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पूर्णिया एयरपोर्ट पर पप्पू यादव

पूर्णिया एयरपोर्ट के निर्माण में हो रही गड़बड़ी, केंद्र व राज्य सरकार से करेंगे शिकायत : पप्पू यादव

पूर्णिया एयरपोर्ट निर्माण कार्य में हो रही देरी और गुणवत्ता को लेकर सांसद पप्पू यादव ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रहे सामान में मिलावट और लापरवाही के मामलों को गंभीर बताते हुए कहा कि इसका संज्ञान वह नागरिक उड्डयन मंत्री, भारत सरकार, और बिहार के मुख्यमंत्री के समक्ष लेकर जाएंगे. सांसद ने सबसे ज्यादा नाराजगी एप्रन (जहां विमान खड़ा होता है) के निर्माण में हो रही गड़बड़ी को लेकर जतायी. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इस लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

सांसद पप्पू यादव रविवार को पूर्णिया एयरपोर्ट के निर्माण कार्य का जायजा लेने बाद कहा कि एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों में सरकारी अधिकारियों की खुली लापरवाही साफ झलक रही है. जिस गति और तरीके से काम चल रहा है, वह बेहद निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि 15 अगस्त से यहां से यात्री सेवा शुरू करने की योजना थी, लेकिन काम में पारदर्शिता की कमी और ठेकेदारों की मनमानी के कारण यह संभव नहीं हो पाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों द्वारा लूट और मिलावटी सामान के इस्तेमाल से कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है.

पप्पू यादव ने भवन निर्माण विभाग और आरडब्ल्यूडी (सड़क निर्माण विभाग) की कार्यशैली को बेहद खराब बताते हुए कहा कि यह जनता के विश्वास के साथ धोखा है. सांसद ने यह भी कहा कि पूर्णिया एयरपोर्ट सिर्फ एक इमारत नहीं है, बल्कि यह इस पूरे इलाके की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का द्वार है. यहां से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होने पर व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा. लेकिन जिस प्रकार से काम में लापरवाही हो रही है, उससे विकास की यह बड़ी संभावना खतरे में पड़ रही है.

पप्पू यादव ने कहा कि वे केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर इसकी शिकायत करेंगे, ताकि दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके. सांसद ने कहा कि जनता का पैसा जनता के हित में और गुणवत्ता के साथ खर्च होना चाहिए, न कि भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ना चाहिए. पूर्णिया एयरपोर्ट इस क्षेत्र के सपनों का प्रोजेक्ट है, इसे किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. सांसद ने बताया कि उनकी बात नागरिक उड्डयन मंत्री से हुई है. उन्होंने सितंबर के प्रथम सप्ताह में पूर्णिया एयरपोर्ट के चालू होने का भरोसा दिलाया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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