Akhtarul Iman: पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अख्तरुल ईमान ने बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए प्रथम अनुपूरक बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने बजट के आंकड़ों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए ग्रामीण विकास, सड़क, शिक्षा, राशन, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे सदन में उठाए.
बजट के आंकड़ों पर उठाए सवाल
विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत प्रथम अनुपूरक बजट मूल बजट का लगभग 25 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सा है. उन्होंने सरकार से मांग की कि केवल आंकड़े प्रस्तुत करने के बजाय यह स्पष्ट किया जाए कि आम जनता के विकास के लिए धरातल पर क्या कार्य हुए हैं.
सड़क और भवनों की बदहाल स्थिति का किया जिक्र
उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि कई प्रखंड कार्यालयों के भवन जर्जर स्थिति में हैं. चुनाव से पहले जिन सड़कों का शिलान्यास किया गया था, उनमें से कई सड़कें आज गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं. अमौर, बायसी, अमौर-आबादापुर, हरिया, बालू टोला और खाड़ी रसेली पुल सहित कई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई निर्माण कार्य वर्षों से अधूरे पड़े हैं, जबकि कई स्थानों पर नदी कटाव से सड़कें प्रभावित हो रही हैं.
मदरसा शिक्षकों और पेंशनधारकों का मुद्दा उठाया
विधायक ने कहा कि पिछले पांच महीनों से मदरसा शिक्षकों का वेतन लंबित है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. उन्होंने करीब 20 वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों की पेंशन और वित्त आयोग की बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग भी की.
राशन कार्ड और राजस्व व्यवस्था पर जताई चिंता
उन्होंने पंचायतों में राजस्व कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे भ्रष्टाचार, फर्जी दस्तावेज और अनियमितताएं बढ़ रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लाखों गरीब परिवारों के नाम राशन कार्ड से हटाए गए हैं तथा बड़ी संख्या में अन्य नाम हटाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की.
सीएसपी ठगी और कानून-व्यवस्था का मामला भी उठाया
Akhtarul Iman: अख्तरुल ईमान ने रौटा स्थित सेंट्रल बैंक के सीएसपी संचालक पर 273 लाभुकों से लगभग तीन करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला भी सदन में उठाया और वित्त मंत्री से त्वरित कार्रवाई की मांग की. साथ ही उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता बतायी.
