चचरी पुल के सहारे जिंदगी, स्थायी पुल के इंतजार में मंगलपुर घाट के ग्रामीण

मंगलपुर घाट पर स्थायी पुल के अभाव में ग्रामीणों को बरसात में खतरनाक चचरी पुल से गुजरना पड़ता है. इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है. लंबे समय से स्थायी पुल की मांग के बावजूद समाधान नहीं हुआ.

बैसा (पूर्णिया). प्रखंड क्षेत्र के मंगलपुर घाट पर स्थायी पुल के अभाव में ग्रामीणों की मुश्किलें बरसात में और बढ़ जाती हैं. नदी-नाले का जलस्तर बढ़ने के साथ आवागमन का रास्ता जोखिम भरा हो जाता है. ऐसे में ग्रामीण अस्थायी चचरी पुल के जरिए एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार यह चचरी पुल रोजमर्रा के आवागमन का महत्वपूर्ण साधन बन गया है, लेकिन इसकी अस्थायी प्रकृति लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है.

बरसात में बढ़ जाता है खतरा

बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने और आसपास पानी जमा होने के कारण चचरी पुल से गुजरना आसान नहीं रहता. पुल पर फिसलन बढ़ जाती है, जबकि तेज बहाव के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. इसके बावजूद जरूरत के कारण लोगों को इसी रास्ते का इस्तेमाल करना पड़ता है.

छात्रों से लेकर बुजुर्ग तक करते हैं आवाजाही

मंगलपुर घाट के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए यह रास्ता रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा हुआ है. छात्र पढ़ाई के लिए आने-जाने में इसका इस्तेमाल करते हैं, जबकि महिलाएं और बुजुर्ग भी जरूरी काम से इसी रास्ते से गुजरते हैं. स्थायी पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में सभी वर्गों को परेशानी उठानी पड़ती है.

लंबे समय से उठ रही स्थायी पुल की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि मंगलपुर घाट पर स्थायी पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है. सड़क और पुल की समस्या को लेकर संबंधित स्तर पर कई बार मांग और शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.

आश्वासन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल और सड़क की समस्या दूर कराने को लेकर समय-समय पर आश्वासन दिए जाते रहे हैं. हालांकि जमीनी स्तर पर अपेक्षित काम नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात में उन्हें इसी समस्या से जूझना पड़ता है.

चचरी पुल बना ग्रामीणों की मजबूरी

स्थायी पुल के अभाव में चचरी पुल ही ग्रामीणों के लिए आवागमन का सहारा है. सामान्य मौसम में इससे आवाजाही अपेक्षाकृत आसान रहती है, लेकिन बारिश के दौरान पुल की अस्थायी संरचना और आसपास बढ़ते जलस्तर के कारण खतरा बढ़ जाता है. ग्रामीणों को आशंका है कि किसी दिन बड़ा हादसा भी हो सकता है.

स्थायी पुल बनने से मिलेगी सालभर राहत

ग्रामीणों ने प्रशासन से मंगलपुर घाट पर जल्द स्थायी पुल का निर्माण कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि स्थायी पुल बनने से न केवल बरसात के दिनों में आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को सालभर बेहतर संपर्क मार्ग भी मिल सकेगा. ग्रामीण अब आश्वासन के बजाय स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं.

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By Prabhat khabar news desk

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