महज एक हफ्ते के अंदर प्रति क्विंटल डेढ़ से सवा दो रुपये तक का आया उछाल
गुलाबबाग मंडी में बारिश के मौसम के कारण कम हो रहा है मक्का का आवक
पूर्णिया. बारिश के इस मौसम में मक्का के रेट में अचानक आयी तेजी से हताश किसानों के चेहरे की रौनक लौट आयी है. हालांकि पहले की तरह अभी दाम नहीं मिल रहे हैं पर जो उछाल आया है वह संतोषजनक जरुर है. किसानों की उम्मीद भी जगी है पर कारोबारियों की मानें तो मक्का के रेट की यह बढ़त स्थायी नहीं है. अभी आपसी प्रतिस्पर्धा और कम आवक के कारण बढ़त हो गई है. कारोबारियों ने बताया कि पहले जहां औसतन पांच सौ से हजार गाड़ियों का आवक हो रहा था वहीं अभी मात्र 50 से सौ गाड़ी पहुंच रही है जबकि उन्हें सीजन में कंपनियों को भेजने के लिए स्टॉक करना है. दाम में उछाल के कारण चाहे जो भी रहे हों पर मक्का के बढ़ते भाव को देख इसकी खेती करने वाले किसान मूल्य को लेकर आशान्वित है. कुछ माह पहले तक मक्का की कीमत कम मिलने से यही किसान मायूस नजर आ रहे थे.
गौरतलब है कि मक्का के रेट में गुरुवार को प्रति क्विंटल 200 रूपए का औसत उछाल आया है. गुलाबबाग मंडी में गुरुवार को सर्वोत्तम क्वालिटी का मक्का 2080 से 2100 रूपए प्रति क्विंटल तक बिका. मध्यम स्तर की क्वालिटी के मक्का का दाम 1950 से 2050 रूपए प्रति क्विंटल तक लगाए गये जबकि इससे नीचे वाली क्वालिटी के मक्का का दाम 1900 रूपए प्रति क्विंटल तक लगाया गया. अहम यह है कि सिर्फ तीन दिन पहले तक इसी गुलाबबाग मंडी में मक्का के दाम 1800 से 1900 के बीच लगाए जा रहे थे जिससे किसान भी परेशान थे. मंडी में मक्का कारोबारी मनोज पुगलिया बताते हैं कि बारिश के कारण बेहतर मक्का मंडी तक काफी कम मात्रा में पहुंच रहा है और दाम भी इसी क्वालिटी के मिल रहे हैं. अधिकांश मक्का बारिश से नमीयुक्त होता है जिसकी मांग भी नहीं है. मक्का कारोबारी रंजीत सिंह एवं विनय जायसवाल बताते हैं कि दाम में हल्की बढ़त जरुर हुई है पर यह उछाल अधिक दिनों तक रहने की संभावना नहीं है. इसे मौसमी उछाल कह सकते हैं क्योंकि बड़ी कंपनियों की ओर से अभी कोई वैसा डिमांड नहीं हो रहा है. उनका कहना है कि क्वालिटी बेहतर होने और डिमांड बढ़ने पर दाम में कुछ उछाल आने के आसार हैं पर अभी तुरंत इसकी उम्मीद नहीं दिख रही है.मक्का का हब है पूर्णिया का गुलाबबाग
पूर्णिया शहर का गुलाबबाग मक्का का हब बन गया है. विदेशों में भी यहां के मक्का की मांग होती है. फ्रांस, आस्ट्रेलिया, लंदन, सिंगापुर और जापान आदि देशों की कंपनियां यहां से दो से तीन लाख टन मक्का हर साल खरीदारी करती हैं. इसके अलावा लगभग दो सौ स्थानीय ट्रेडर मक्का का कारोबार करते हैं. हर साल लगभग 20 लाख टन मक्का यहां से देश के दूसरे प्रांतों और विदेशों में भेजे जाते हैं. इनसे खाद्य सामग्रियों के साथ ही दवाई और सौंदर्य प्रसाधन आदि बनाए जाते हैं. जिले के पूर्णिया, जलालगढ़ और रानीपतरा रेलवे स्टेशन पर स्थित रैक प्वाइंट से हर साल करीब दो लाख टन मक्का दूसरे प्रांतों में भेजे जाते हैं. ———————————–
बाजार में दाम पर एक नजर
वर्ष दर (प्रति क्विंटल)
2000 1500 से 1800
2021 1900 से 21002022 2150 से 2250
2023 2100 से 22502024 2350 से 2550
2025 2100 से 25002026 1800 से 1900 (3 दिन पूर्व)
2026 2080 से 2100 (30 अप्रैल)