Mahananda River Missing Children: पूर्णिया के बायसी से अरविंद कुमार की रिपोर्ट: बायसी थानाक्षेत्र अंतर्गत गांगर पंचायत के गोहास गांव में महानंदा नदी में डूबे चार बच्चों में से तीन का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. शनिवार को तीसरे दिन भी सुबह से एसडीआरएफ की टीम नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है, वहीं हालात का जायजा लेने के लिए एसडीएम अभिषेक रंजन भी खुद घटनास्थल पर पहुंचे.
खेल-खेल में नदी में उतरे थे चारों दोस्त, एक का मिला शव
यह दर्दनाक हादसा बीते 21 मई की दोपहर करीब 12 बजे हुआ था, जब गोहास गांव के रहने वाले चार बच्चे घर से पश्चिम की ओर बहने वाली महानंदा नदी के किनारे गए थे. वहां पहुंचने के बाद चारों बच्चे खेल-खेल में स्नान करने के लिए नदी में उतर गए, लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण चारों गहरे पानी में समा गए. घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से की गई शुरुआती खोजबीन में 11 वर्षीय नसर (पिता मोहम्मद सोहराब) का शव उसी दिन बरामद कर लिया गया था, लेकिन बाकी तीन बच्चों का कुछ पता नहीं चला.
नदी किनारे डटे हैं परिजन, गांव में पसरा सन्नाटा
लापता बच्चों में मुस्तफा (8 वर्ष, पिता मोहम्मद असलम), अरमान (8 वर्ष, पिता रुहुल अमीन) और नूर्शिद (10 वर्ष, पिता मुनीब) शामिल हैं. पिछले दो दिनों से इन मासूमों के बेबस परिजन बिना कुछ खाए-पिए नदी के किनारे ही डटे हुए हैं. जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों की उम्मीदें टूट रही हैं और उनकी आंखों के आंसू सूख चुके हैं. इस हादसे के बाद से पूरे गोहास गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है और चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है.
प्रशासन की मशक्कत जारी, एसडीएम ने लिया जायजा
गांगर पंचायत के मुखिया गुलाम गौस ने बताया कि नदी में डूबे तीनों बच्चों की तलाश के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचे एसडीएम अभिषेक रंजन ने रेस्क्यू टीम को सर्च ऑपरेशन में और तेजी लाने के निर्देश दिए. एसडीआरएफ की टीम मोटर बोट और गोताखोरों की मदद से नदी की लहरों को खंगाल रही है, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
