बनमनखी में पपेट शो से बच्चों को सिखाए गए वज्रपात से बचने के आसान उपाय

पूर्णिया के बनमनखी में ठनका और वज्रपात से बचाव के लिए एक खास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. पपेट शो और गतिविधि-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों और ग्रामीणों को बिजली गिरने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में सिखाया गया.

Purnia News: पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय धीमा अजजा में रविवार को ठनका और वज्रपात से बचाव को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन शाखा, पूर्णिया के तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में पपेट शो और गतिविधि आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों और ग्रामीणों को बिजली गिरने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई. कार्यक्रम का उद्देश्य यह था कि मानसून के मौसम में बढ़ती वज्रपात की घटनाओं के बीच बच्चे और उनके परिवार समय रहते सही निर्णय लेकर अपनी जान बचा सकें.

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने बेहद सरल और रोचक तरीके से बताया कि ठनका गिरने की आशंका होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से तुरंत दूर हो जाना चाहिए. बच्चों ने भी उत्साह के साथ भाग लेकर आपदा के समय सतर्क रहने का संकल्प लिया.

पपेट शो के माध्यम से दिया गया सुरक्षा का संदेश

जागरूकता कार्यक्रम की सबसे खास बात पपेट शो रहा, जिसमें कठपुतलियों के जरिए वज्रपात से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय समझाए गए.

प्रशिक्षकों ने बताया कि बिजली चमकने और तेज गर्जन की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर शरण लेना चाहिए. खुले मैदान में खड़े रहने, पेड़ के नीचे रुकने या बिजली के खंभों के पास जाने से गंभीर खतरा हो सकता है.

बच्चों ने सीखे आपदा से बचाव के व्यावहारिक तरीके

कार्यक्रम को केवल भाषण तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि गतिविधि आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को व्यावहारिक जानकारी भी दी गई.

छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर यह समझा कि आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्क और सावधान रहना सबसे जरूरी होता है.

मानसून के मौसम में बढ़ जाती हैं वज्रपात की घटनाएं

प्रशिक्षकों ने बताया कि बिहार में मानसून के दौरान ठनका और वज्रपात की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं. खेतों, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे मौजूद लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं.

इसी कारण बच्चों और ग्रामीणों को समय-समय पर ऐसी जानकारी देना जरूरी है, ताकि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक कर सकें.

विद्यालय और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवल किशोर साह, शिक्षक संतोष कुमार चौधरी, मनोरंजन कुमार झा, सर्वेश कुमार सुमन, अतिश कुमार, रंजीत कुमार और अविनाश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और ग्रामीण उपस्थित रहे.

शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के साथ-साथ पूरे समाज के लिए उपयोगी हैं और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

Purnia News: आपदा प्रबंधन जागरूकता अभियान रहेगा जारी

कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने वज्रपात के समय सतर्क रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया.

आयोजकों ने बताया कि ऐसे जागरूकता अभियान भविष्य में भी विभिन्न विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों से परिचित हो सकें.

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By Prabhat khabar news desk

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