पूर्णिया के रूपौली से विजय कुमार सिंह की रिपोर्ट
Leopard: पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, टीकापट्टी थाना क्षेत्र के चकला बहियार में बीते 26 मई से ही तेंदुए का खौफ छाया हुआ है. हालांकि, गत 27 मई को चकला मोड़ बहियार में एक हमलावर तेंदुए को उग्र भीड़ ने मार गिराया था, लेकिन इस घटना के बाद अब इलाके में एक और तेंदुए के होने की चर्चा हकीकत में बदलती दिख रही है. वन विभाग की टीम ने नए सिरे से क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
नए पंजों के निशान मिले, वन विभाग ने उड़ाया ड्रोन और लगाया पिंजरा
चकला बहियार में तेंदुए की खोज और सुरक्षात्मक उपायों को लेकर वन विभाग द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- मिले पंजों के निशान: वन विभाग की टीम विभाग के रेंजर के नेतृत्व में चकला बहियार पहुंची, जहां टीम को वन्यजीव के कुछ नए पंजों के निशान (पगमार्क) मिले हैं, जिसके सैंपल लेकर जांच के लिए रख लिए गए हैं.
- ड्रोन से निगरानी: तेंदुए की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए वन विभाग द्वारा आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है, अलग-अलग दिशाओं में घंटों ड्रोन उड़ाकर सघन तलाशी ली जा रही है.
- पिंजरा लगाया गया: तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए बहियार के संवेदनशील और संभावित ठिकानों पर वन विभाग द्वारा पिंजरे भी लगा दिए गए हैं.
घनी फसलों के कारण रेस्क्यू में आ रही है काफी मशक्कत
सर्च ऑपरेशन में बाधा: चकला बहियार का क्षेत्र सैकड़ों एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है, इस वक्त बहियार में बड़े पैमाने पर बांसबाड़ी (बांस के झुरमुट), केले के बागान और मक्के की घनी फसलें खड़ी हैं, इन फसलों के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम है, जिससे हिंसक वन्यजीव को ढूंढने में वन विभाग की रेस्क्यू टीम को भारी मशक्कत और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
दर्जनों वनकर्मी बहियार में कर रहे हैं कैंप, लोगों को सतर्क रहने की अपील
वन विभाग की तैयारी:
अपर मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर वन विभाग की टीम दर्जनों की संख्या बल के साथ चकला बहियार में लगातार कैंप कर रही है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है.
मामले की जानकारी देते हुए रेंजर रामप्रवेश ठाकुर ने बताया कि वन विभाग की टीम इलाके में पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद है, तेंदुए को खोजने के लिए ड्रोन सहित अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की मदद ली जा रही है. रात के समय वन विभाग द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कराकर ग्रामीणों को अकेले बहियार जाने से बचने और पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या मानवीय क्षति को टाला जा सके.
