कुलपति की पहल से सीमांचल में पटरी पर लौटी विधि की पढ़ाई

पूर्णिया के बाद कटिहार के लॉ कॉलेज में नामांकन का रास्ता हुआ साफ

-पूर्णिया के बाद कटिहार के लॉ कॉलेज में नामांकन का रास्ता हुआ साफ पूर्णिया. पूर्णिया विवि के कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की पहल से अब सीमांचल में विधि की पढ़ाई पूरी तरह से पटरी पर लौट गयी है. पिछले कुछ वर्षों से विधि संकाय में शून्य सत्र की स्थिति थी. विगत जुलाई में पूर्णिया विवि ने विधि में शून्य सत्र से मुक्ति पायी. इसके साथ ही बीएमटी लॉ कॉलेज , पूर्णिया में विधि की पढ़ाई दोबारा शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हुआ. अब सूर्यदेव विधि महाविद्यालय कटिहार में लॉ में नामांकन को विद्वत परिषद ने हरी झंडी दे दी है. इससे पहले पूर्णिया विवि के अंतर्गत बीएमटी लॉ कॉलेज में सत्र 2025- 2026 में त्रिवर्षीय कोर्स में 120 सीट और पंचवर्षीय कोर्स में 120 सीट पर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करते हुए सितंबर में कक्षाएं शुरू की गयी. प्रेरक सत्र में कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने अन्य लॉ कॉलेज में पढ़ाई फिर से शुरू कराने की प्रतिबद्धता जतायी थी. इसी कड़ी में अब 23वीं विद्वत् परिषद् की बैठक में सूर्यदेव विधि महाविद्यालय, कटिहार में तीन वर्षीय एवं पांच वर्षीय एलएलबी कोर्स में नामांकन का निर्णय लिया गया. अब केवल एक लॉ कॉलेज बचा है जहां विधि की पढ़ाई शुरू होने का छात्रों को इंतजार है. गौरतलब है कि पूर्णिया विवि में विधि का अलग संकाय क्रियाशील है. विवि की स्थापना के पांचवे वर्ष में यह संकाय प्रारंभ किया गया था. हालांकि, तकनीकी कारणों से शून्य सत्र की स्थिति पैदा हो गयी और विधि संकाय महज कागजी बनकर रह गया. अब जब दो लॉ कॉलेज में विधि की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है तो ऐसे में पूर्णिया विवि के विधि संकाय की उपयोगिता भी बढ़ने की संभावना है.

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