पूर्णिया जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कसबा के मुरारी टोल में प्रतिष्ठापित श्री सिद्धिविनायक मंदिर पूरे सीमांचल क्षेत्र में आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र बन चुका है. बुद्धि एवं विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित इस पावन मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना कभी निष्फल नहीं जाती और बप्पा के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता.
हर रविवार विशेष अनुष्ठान और महाभंडारे का आयोजन
मंदिर में सामान्य दिनों के साथ-साथ विशेष उत्सवों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. वहीं प्रत्येक रविवार को यहां विशेष पूजन अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं. रविवार के दिन बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं. इस अवसर पर मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें सैकड़ों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं.
डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और पिंकी गुप्ता ने कराई थी स्थापना
इस पावन मंदिर की स्थापना पूर्णिया के जाने-माने वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी पिंकी गुप्ता द्वारा कराई गई थी. मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठापित भगवान गणेश की भव्य व दिव्य प्रतिमा अपनी नक्काशी, दिव्यता और शांतिदायक आभा से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है. श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन की तमाम बाधाएं समाप्त हो जाती हैं.
कसबा: जहां बसता है लक्ष्मी और सरस्वती दोनों का वास
पूर्णिया-अररिया मुख्य मार्ग पर बसे कसबा के बारे में यह मान्यता प्रचलित है कि इस क्षेत्र पर मां लक्ष्मी और मां सरस्वती दोनों की समान कृपा है. व्यापार और धन-संपदा के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी कसबा के लोग अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं. सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना के बाद से इस धार्मिक स्थल ने पूरे कस्बे की पहचान को और अधिक समृद्ध किया है.
